
डिजिटल डेस्क, नईदुनिया। गाजियाबाद के कृष्णा नगर में बुधवार दोपहर करीब एक बजे तीन नकाबपोश बदमाशों ने दिनदहाड़े हथियारों के बल पर कैश वैन लूट ली। बदमाश करीब 25 लाख रुपये से भरी वैन लेकर फरार हो गए। घटना क्रासिंग रिपब्लिक थाना क्षेत्र की है, जहां एटीएम में नकदी डालने गए कर्मचारियों की गैरमौजूदगी का फायदा उठाकर बदमाशों ने वारदात को अंजाम दिया।
पुलिस के मुताबिक, कैश वैन एवन इंडिया नामक वित्तीय संस्था की थी। वैन में सुरक्षा गार्ड मनवीर सिंह, कस्टोडियन रजनीश त्रिपाठी, कैशियर अमित कुमार और चालक तेजपाल की ड्यूटी थी।
जानकारी के अनुसार, टीम ने दोपहर करीब 12:30 बजे नेहरू नगर स्थित एटीएम में नकदी डाली थी। इसके बाद करीब एक बजे वे कृष्णा नगर पहुंचे। यहां एनएच-9 पर कैश वैन खड़ी कर कर्मचारी करीब 150 मीटर दूर स्थित इंडिया 1 के एटीएम बूथ में नकदी डालने चले गए। उस समय वैन में केवल चालक तेजपाल मौजूद था।
करीब 10 मिनट बाद पीछे से पैदल आए तीन नकाबपोश बदमाशों ने चालक पर फायरिंग कर दी। गोली चालक साइड की खिड़की पर लगी। अचानक हुए हमले से घबराकर चालक वैन में चाबी छोड़कर एटीएम बूथ की ओर भाग गया। इसी दौरान बदमाश कैश वैन लेकर मौके से फरार हो गए।
बदमाश कैश वैन को लेकर एनएच-9 से दिल्ली की ओर भागे और फिर अंडरपास से यू-टर्न लेकर गाजियाबाद की तरफ मुड़ते हुए दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेसवे पर चढ़ गए। रास्ते में उन्होंने वैन में रखे बॉक्स से नकदी और डीबीआर निकाल लिए।
इसके बाद बदमाशों ने मसूरी थाना क्षेत्र में कुशलिया गांव के पास दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेसवे पर वैन छोड़ दी और पैदल जंगल की ओर फरार हो गए। सूचना मिलते ही पुलिस ने जिलेभर में नाकेबंदी कर तलाशी अभियान शुरू किया। कुछ देर बाद पुलिस ने मसूरी थाना क्षेत्र से कैश वैन बरामद कर ली।
घटना के बाद कैश वैन की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। निर्धारित मानकों के अनुसार, कैश वैन में जीपीएस, पैनिक बटन, अंदर-बाहर सीसीटीवी कैमरे और मजबूत सुरक्षा व्यवस्था होना जरूरी है। इसके अलावा वैन ऐसी जगह खड़ी की जानी चाहिए, जहां सुरक्षा गार्ड एटीएम और वाहन दोनों पर नजर रख सके।
लेकिन इस मामले में न तो वैन में जीपीएस था और न ही पैनिक बटन। साथ ही, केवल एक सुरक्षा गार्ड होने के बावजूद चालक को नकदी के साथ अकेला छोड़ दिया गया।
घटना के बाद यह सवाल भी उठ रहे हैं कि बदमाशों को कैश वैन के रूट और समय की जानकारी पहले से कैसे मिली। आमतौर पर कर्मचारी वैन को एटीएम बूथ के बाहर खड़ा करते थे, लेकिन घटना वाले दिन वैन को 150 मीटर दूर क्यों खड़ा किया गया, यह भी जांच का विषय बना हुआ है। पुलिस अब इस एंगल से भी जांच कर रही है कि कहीं यह वारदात पूर्व नियोजित साजिश का हिस्सा तो नहीं।