डिजिटल डेस्क, लखनऊ। उत्तर प्रदेश में सरकारी भर्ती प्रक्रिया को पारदर्शी, निष्पक्ष और तकनीक आधारित बताते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने गुरुवार को आयुष विभाग, व्यावसायिक शिक्षा एवं कौशल विकास विभाग तथा दिव्यांगजन सशक्तीकरण विभाग के लिए चयनित 481 अभ्यर्थियों को नियुक्ति पत्र वितरित किए।
लोकभवन में आयोजित कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के 'मिशन रोजगार' के तहत प्रदेश सरकार लगातार युवाओं को सरकारी नौकरियां उपलब्ध करा रही है।
अब तक 9 लाख से अधिक युवाओं को सरकारी नौकरी का दावा
उन्होंने दावा किया कि अब तक 9 लाख से अधिक युवाओं को सरकारी नियुक्तियां दी जा चुकी हैं और पूरी भर्ती प्रक्रिया में सिफारिश या भ्रष्टाचार की कोई गुंजाइश नहीं छोड़ी गई। सीएम योगी ने कहा कि पहले सरकारी भर्तियों में जाति, क्षेत्र, मत और पैसों के आधार पर चयन के आरोप लगते थे, जिससे योग्य अभ्यर्थियों के साथ अन्याय होता था।
भर्ती प्रक्रिया को भ्रष्टाचार और लीकेज से मुक्त बनाने का संकल्प
लेकिन वर्तमान सरकार ने भर्ती प्रक्रिया में पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित कर योग्यता को ही चयन का आधार बनाया है। उन्होंने कहा कि यदि अयोग्य और भ्रष्ट व्यक्ति व्यवस्था में प्रवेश कर जाए तो वह लंबे समय तक पूरे सिस्टम को प्रभावित करता है, इसलिए सरकार ने शुरुआत से ही भर्ती प्रक्रिया को भ्रष्टाचार और लीकेज से मुक्त बनाने का संकल्प लिया।
यूपी आज देश में सबसे अधिक सरकारी नियुक्तियां देने वाला राज्य
मुख्यमंत्री ने उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग और अधीनस्थ सेवा चयन आयोग की कार्यप्रणाली की सराहना करते हुए कहा कि तकनीक आधारित और जवाबदेह व्यवस्था के कारण उत्तर प्रदेश आज देश में सबसे अधिक सरकारी नियुक्तियां देने वाला राज्य बन चुका है। उन्होंने बताया कि पिछले 15 दिनों में यह चौथा नियुक्ति पत्र वितरण कार्यक्रम है।
पहले राज्य की पहचान भ्रष्टाचार और अव्यवस्था से जुड़ी थी
अपने संबोधन में मुख्यमंत्री ने 2017 से पहले और वर्तमान उत्तर प्रदेश की स्थिति की तुलना करते हुए कहा कि पहले राज्य की पहचान भ्रष्टाचार और अव्यवस्था से जुड़ी थी, जबकि आज यूपी निवेश, रोजगार और विकास का केंद्र बन चुका है। उन्होंने कहा कि प्रदेश की अर्थव्यवस्था, प्रति व्यक्ति आय और बजट में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है तथा उत्तर प्रदेश अब देश की अर्थव्यवस्था का “ग्रोथ इंजन” बन रहा है।
प्रदेश में 96 लाख से अधिक एमएसएमई इकाइयां कार्यरत
सीएम योगी ने कहा कि राज्य में एमएसएमई सेक्टर को नई मजबूती मिली है। उन्होंने बताया कि प्रदेश में इस समय 96 लाख से अधिक एमएसएमई इकाइयां कार्यरत हैं, जिनसे 3 करोड़ से अधिक लोगों को रोजगार मिल रहा है। साथ ही, पिछले वर्षों में बड़े उद्योगों और निवेश प्रस्तावों में भी तेजी आई है।
आयुष हेल्थ टूरिज्म और पारंपरिक चिकित्सा पद्धतियों में संभावनाएं
आयुष विभाग का उल्लेख करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि आयुष हेल्थ टूरिज्म और पारंपरिक चिकित्सा पद्धतियों के क्षेत्र में बड़ी संभावनाएं हैं। उन्होंने कहा कि गांवों तक आयुष सेवाओं को मजबूत बनाने और औषधीय पौधों के उत्पादन को बढ़ावा देने की दिशा में सरकार लगातार काम कर रही है। इस अवसर पर आयुष विभाग में चयनित 202 प्राध्यापक, चिकित्सा अधिकारी और स्टाफ नर्सों को नियुक्ति पत्र सौंपे गए।
प्रदेश तेजी से औद्योगिक निवेश का केंद्र बन रहा
व्यावसायिक शिक्षा एवं कौशल विकास विभाग को लेकर मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तर प्रदेश तेजी से औद्योगिक निवेश का केंद्र बन रहा है और उद्योगों की जरूरत के अनुसार कुशल मानव संसाधन तैयार करना समय की मांग है।
उन्होंने बताया कि टाटा टेक्नोलॉजीज के सहयोग से 150 से अधिक आईटीआई संस्थानों को आधुनिक बनाया गया है, जहां आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, ड्रोन टेक्नोलॉजी, साइबर सिक्योरिटी, रोबोटिक्स और 3डी प्रिंटिंग जैसे आधुनिक क्षेत्रों में प्रशिक्षण दिया जा रहा है। इस कार्यक्रम में 272 प्रशिक्षित अनुदेशकों को भी नियुक्ति पत्र प्रदान किए गए।
दिव्यांगजनों को सम्मान और अवसर उपलब्ध कराना प्राथमिकता
दिव्यांगजन सशक्तीकरण विभाग पर बोलते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि समाज में दिव्यांगजनों को सम्मान और अवसर उपलब्ध कराना सरकार की प्राथमिकता है। उन्होंने बताया प्रदेश में दिव्यांगजनों के लिए पेंशन सुविधा, विशेष विश्वविद्यालयों की स्थापना और जिला पुनर्वास केंद्रों को पुनर्जीवित करने जैसे कई कदम उठाए गए हैं।