लखनऊ अग्निकांड: सीएम योगी सख्त, लखनऊ विकास प्राधिकरण के वीसी को किया तलब, अवैध निर्माणों पर मांगी विस्तृत रिपोर्ट
लखनऊ के अलीगंज कोचिंग अग्निकांड के बाद मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अवैध निर्माणों और नियमों की अनदेखी पर कड़ा रुख अपनाया है।
Publish Date: Tue, 23 Jun 2026 03:04:31 PM (IST)Updated Date: Tue, 23 Jun 2026 03:06:32 PM (IST)
HighLights
- अवैध निर्माणों के खिलाफ की गई ध्वस्तीकरण कार्रवाई का ब्यौरा मांगा
- कितने मामलों में प्रभावी कार्रवाई हुई, कितने में नियमों का उल्लंघन जारी रहा
- एसआईटी ने घटनास्थल से वैज्ञानिक और तकनीकी साक्ष्य जुटाए
डिजिटल डेस्क, लखनऊ। अलीगंज कोचिंग अग्निकांड के बाद मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अवैध निर्माणों और नियमों की अनदेखी पर कड़ा रुख अपनाया है। मुख्यमंत्री ने लखनऊ विकास प्राधिकरण (LDA) के उपाध्यक्ष प्रथमेश कुमार को मंगलवार शाम पांच बजे तलब कर कार्रवाई की विस्तृत रिपोर्ट पेश करने के निर्देश दिए हैं।
मुख्यमंत्री ने 1 जनवरी 2026 से अब तक शहर के सभी सात जोनों में जारी किए गए सीलिंग नोटिसों, उनके अनुपालन की स्थिति और अवैध निर्माणों के खिलाफ की गई ध्वस्तीकरण कार्रवाई (बुलडोजर एक्शन) का पूरा ब्यौरा मांगा है।
कितने मामलों में प्रभावी कार्रवाई की गई
साथ ही मुख्यमंत्री योगी ने यह भी पूछा गया है कि नोटिस जारी होने के बाद कितने मामलों में प्रभावी कार्रवाई की गई और कितने मामलों में नियमों का उल्लंघन जारी रहा। गौरतलब है कि सोमवार को अलीगंज स्थित एक कोचिंग संस्थान में भीषण आग लगने से 15 छात्रों की दर्दनाक मौत हो गई थी।
आग लगने की घटना की प्रारंभिक जांच में सामने आया
प्रारंभिक जांच में सामने आया कि जिस भवन में हादसा हुआ, वहां कोचिंग सेंटर के अलावा पेट शॉप, क्लीनिक और एनिमेशन सेंटर भी संचालित किए जा रहे थे। बताया जा रहा है कि भवन निर्माण और उपयोग से जुड़े कई नियमों का उल्लंघन किया गया था।
इस भयावह हादसे में कई पालतू जानवर भी आग की चपेट में आकर जिंदा जल गए। घटना की गंभीरता को देखते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने तत्काल विशेष जांच दल (SIT) का गठन किया था।
एसआईटी ने घटनास्थल से वैज्ञानिक और तकनीकी साक्ष्य जुटाए
वहीं, एसआईटी ने मंगलवार को घटनास्थल का निरीक्षण कर वैज्ञानिक और तकनीकी साक्ष्य जुटाने की प्रक्रिया पूरी कर ली। जांच दल आग लगने के कारणों, भवन की वैधता, सुरक्षा मानकों की स्थिति और प्रशासनिक लापरवाही के पहलुओं की गहन जांच कर रहा है। प्रारंभिक रिपोर्ट जल्द ही शासन को सौंपी जा सकती है।