
डिजिटल डेस्क। उत्तर प्रदेश के प्राथमिक एवं उच्च प्राथमिक सरकारी विद्यालयों में पढ़ने वाले गंभीर एवं बहु-दिव्यांग विद्यार्थियों के लिए राज्य सरकार ने एक महत्वपूर्ण पहल की है। अब शारीरिक या मानसिक दिव्यांगता बच्चों की राह का रोड़ा नहीं बनेगी। दिव्यांग छात्रों को सुगमता से विद्यालय पहुंचाने और अभिभावकों की आर्थिक चिंता को कम करने के लिए प्रदेश सरकार पहली बार 'एस्कॉर्ट अलाउंस' (Escort Allowance) प्रदान करने जा रही है।
इस योजना के अंतर्गत परिषदीय विद्यालयों (कक्षा 1 से 8) में अध्ययनरत 14,152 पात्र विद्यार्थियों को ₹600 प्रति महीने के हिसाब से 10 महीनों के लिए वित्तीय सहायता दी जाएगी। इसके लिए शासन द्वारा कुल ₹849.12 लाख का बजट स्वीकृत किया गया है। इस कदम से बच्चों की नियमित उपस्थिति सुनिश्चित होगी और अभिभावकों पर उन्हें स्कूल लाने-ले जाने का आर्थिक भार भी कम होगा।
एस्कॉर्ट अलाउंस की यह राशि डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर (DBT) के जरिए सीधे छात्र-छात्राओं के माता-पिता या अभिभावकों के बैंक खातों में स्थानांतरित की जाएगी।
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समग्र शिक्षा परियोजना निदेशालय ने सभी जिलों के बेसिक शिक्षा अधिकारियों (BSA) को पात्र विद्यार्थियों की सूची और आवंटित धनराशि प्रेषित कर दी है। प्रशासन की ओर से सख्त निर्देश जारी किए गए हैं कि 31 अगस्त तक सभी चिन्हित दिव्यांग बच्चों के परिजनों के खातों में एस्कॉर्ट अलाउंस का शत-प्रतिशत भुगतान सुनिश्चित कर दिया जाए। सरकार का मुख्य ध्येय इन बच्चों को मुख्यधारा की शिक्षा से जोड़ना और बीच में पढ़ाई छोड़ने (ड्रॉप-आउट) की दर को शून्य पर लाना है।