यूपी में ओला-उबर के लिए नए नियम जारी, 12 साल पुरानी कैब भी चलेंगी, 10 मिनट लेट होने पर ड्राइवर पर ₹100 पेनल्टी
उत्तर प्रदेश में ओला, उबर, इनड्राइव और रेड बस जैसे डिजिटल प्लेटफॉर्म्स के जरिए संचालित होने वाले कमर्शियल यात्री वाहनों के लिए परिवहन विभाग ने नए कड़े...और पढ़ें
Publish Date: Sat, 22 Aug 2026 04:18:53 PM (IST)Updated Date: Sat, 22 Aug 2026 04:18:53 PM (IST)
यूपी मोटरयान नियमावली 2026 लागू।HighLights
- UP मोटरयान नियमावली 2026 लागू
- एग्रीगेटर पोर्टल पर रजिस्ट्रेशन अनिवार्य
- महिला सुरक्षा के लिए बने सख्त नियम
डिजिटल डेस्क। उत्तर प्रदेश में ओला, उबर, इनड्राइव और रेड बस जैसे डिजिटल प्लेटफॉर्म्स के जरिए संचालित होने वाले कमर्शियल यात्री वाहनों के लिए परिवहन विभाग ने नए कड़े दिशा-निर्देश जारी किए हैं। राज्य में 'उत्तर प्रदेश मोटरयान (समूहक और वितरण सेवा प्रदाता) नियमावली 2026' के तहत सभी कैब-एग्रीगेटर कंपनियों और उनके वाहनों का परिवहन विभाग के आधिकारिक पोर्टल पर ऑनलाइन पंजीकरण अनिवार्य कर दिया गया है।
कैब ऑपरेटरों के लंबे विरोध के बाद सरकार ने राहत देते हुए वाहनों की अधिकतम समयावधि 8 वर्ष से बढ़ाकर 12 वर्ष कर दी है। अब 12 साल तक पुराने वाहन भी इन एग्रीगेटर प्लेटफॉर्म्स पर पंजीकृत हो सकेंगे।
यात्री सुरक्षा: पैनिक बटन और जीपीएस ट्रैकिंग अनिवार्य
यात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए सभी एग्रीगेटर वाहनों में पैनिक बटन और व्हीकल लोकेशन ट्रैकिंग डिवाइस (VLTD) लगाना अनिवार्य किया गया है।
- रियल-टाइम मॉनिटरिंग: गाड़ियों की आवाजाही पर परिवहन विभाग का कंट्रोल रूम सीधी नजर रखेगा।
- रूट डायवर्जन अलर्ट: यदि चालक बिना वजह तय रास्ते से भटकता है, तो सिस्टम स्वतः ही कंट्रोल रूम को अलर्ट भेजेगा।
- लाइव लोकेशन शेयरिंग: यात्री अपनी यात्रा की लाइव लोकेशन परिवार या परिचितों के साथ साझा कर सकेंगे।
10 मिनट में न पहुंचने पर ₹100 जुर्माना
सेवा में सुधार और मनमानी रोकने के लिए विभाग ने सख्त जुर्माने का प्रावधान किया है:
- ड्राइवर पर पेनल्टी: कैब बुक होने के बाद यदि चालक 10 मिनट के भीतर पिकअप लोकेशन पर रिपोर्ट नहीं करता है, तो यात्री राइड कैंसिल कर सकता है। ऐसी स्थिति में ड्राइवर पर ₹100 का जुर्माना लगेगा, और यह राशि यात्री को उसकी अगली बुकिंग में छूट के रूप में दी जाएगी।
यात्री द्वारा कैंसिलेशन: यदि राइडर स्वयं बुकिंग रद्द करता है, तो कुल किराए का 10% (अधिकतम ₹100) उसकी अगली बुकिंग में जोड़कर वसूला जाएगा।
न्यूनतम किराया: यात्रियों से कम से कम 3 किलोमीटर का बेस फेयर लिया जाएगा। महिला सुरक्षा और ड्राइवरों के लिए सख्त शर्तें
- महिला यात्रियों की सहमति: यदि वाहन में पहले से कोई पुरुष यात्री मौजूद है, तो महिला यात्री को उसमें बैठाने से पूर्व उसकी स्पष्ट सहमति लेना आवश्यक होगा।
- ड्राइवर योग्यता: कैब चालकों के पास कम से कम 2 वर्ष का ड्राइविंग अनुभव होना चाहिए और पिछले 3 वर्षों में उन पर कोई गंभीर आपराधिक मामला दर्ज न हुआ हो।
- 40 घंटे की ट्रेनिंग: प्रत्येक चालक को 40 घंटे का प्रशिक्षण अनिवार्य रूप से लेना होगा, जिसमें सुरक्षित ड्राइविंग, आपातकालीन सहायता, मार्ग ज्ञान और यात्रियों से शिष्ट व्यवहार शामिल है।
- चालक रिकॉर्ड: ऐप पर गाड़ी चलाने वाले ड्राइवर का पूरा ब्योरा कम से कम 7 दिनों तक सुरक्षित रहेगा।
एनसीआर में इलेक्ट्रिक वाहनों पर जोर और डेटा की स्थिति
अकेले लखनऊ में ऐसे 10,000 से अधिक वाहन संचालित हो रहे हैं। वहीं, एनसीआर (NCR) क्षेत्र में वाहन प्रदूषण को नियंत्रित करने के लिए इलेक्ट्रिक व्हीकल (EV) ट्रांजिशन नीति को प्राथमिकता दी जा रही है।
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परिवहन विभाग के विशेष पोर्टल upmyfleet.com पर पंजीकरण प्रक्रिया तेजी से जारी है। वर्तमान में एनसीआर क्षेत्र के 2 बड़े एग्रीगेटर और उनके 3,15,218 वाहन इस पोर्टल पर ऑनबोर्ड हो चुके हैं। परिवहन आयुक्त आशुतोष निरंजन के अनुसार, इस डिजिटल व्यवस्था से प्रदेश में एग्रीगेटर वाहनों का पारदर्शी लेखा-जोखा उपलब्ध होगा और यात्रियों का सफर अधिक सुरक्षित व सुगम बनेगा।