डिजिटल डेस्क। उत्तर प्रदेश सरकार के नौ वर्षों की उपलब्धियों पर आधारित पुस्तक ‘नवनिर्माण के नौ वर्ष’ का बुधवार को लोक भवन में भव्य विमोचन किया गया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के साथ उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य, ब्रजेश पाठक तथा वित्त एवं संसदीय कार्य मंत्री सुरेश कुमार खन्ना उपस्थित रहे।
इस मौके पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि नौ वर्षों की यात्रा पूरी होने पर प्रदेश सरकार ने आगामी 1 अप्रैल से लागू होने वाले बजट में 9 लाख 12 हजार करोड़ रुपये का प्रावधान किया है।
बजट समग्र और संतुलित विकास को नई दिशा देगा
सीएम योगी ने बताया कि यह बजट प्रदेश के समग्र और संतुलित विकास को नई दिशा और गति प्रदान करेगा। मुख्यमंत्री ने प्रदेशवासियों को इन उपलब्धियों के लिए बधाई देते हुए इसे 25 करोड़ लोगों की सामूहिक शक्ति का प्रतीक बताया। उन्होंने कहा कि यह बजट प्रदेश को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने, बुनियादी ढांचे को मजबूत करने और रोजगार के नए अवसर सृजित करने में अहम भूमिका निभाएगा।
आज उत्तर प्रदेश सुरक्षा, सुशासन और विकास के नए मानक स्थापित कर रहा है, और आने वाले समय में यह परिवर्तन और व्यापक रूप में दिखाई देगा।
पहला निर्णय: किसानों की ऋण माफी
मुख्यमंत्री ने बताया कि वर्ष 2017 में शपथ ग्रहण के तुरंत बाद सरकार का पहला महत्वपूर्ण निर्णय किसानों की ऋण माफी का था। उन्होंने कहा कि अन्नदाता किसानों के हित में उठाया गया यह कदम कृषि क्षेत्र में सकारात्मक बदलाव की नींव बना।
उन्होंने दावा किया कि इस पहल के बाद प्रदेश की कृषि विकास दर में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है, जो लगभग 8.5 प्रतिशत से बढ़कर 18 प्रतिशत तक पहुंच गई है, जिससे उत्तर प्रदेश देश में कृषि विकास के क्षेत्र में अग्रणी राज्यों में शामिल हो गया है।
किसानों की स्थिति में सुधार
मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्तमान में प्रदेश का अन्नदाता किसान आत्महत्या की ओर नहीं जा रहा है, बल्कि सशक्त और उत्पादक बन रहा है। गन्ना किसानों के संदर्भ में उन्होंने बताया कि वर्ष 2012 से 2017 के बीच 95 हजार करोड़ रुपये का भुगतान हुआ था, जबकि 2017 से अब तक 3 लाख 16 हजार 800 करोड़ रुपये का भुगतान किया जा चुका है।
उन्होंने इसे सरकार की नीतियों और योजनाओं का परिणाम बताते हुए कहा कि इन प्रयासों ने किसानों को कर्ज के बोझ से निकालकर उन्हें उत्पादक और आत्मनिर्भर बनाने में मदद की है।
नोएडा से जुड़ा मिथक टूटा
मुख्यमंत्री ने एक पुरानी धारणा का उल्लेख करते हुए कहा कि पहले के मुख्यमंत्री नोएडा जाने से बचते थे, क्योंकि यह माना जाता था कि वहां जाने से सत्ता चली जाती है। उन्होंने कहा कि उन्होंने इस अंधविश्वास को तोड़ते हुए नोएडा का दौरा किया और स्पष्ट किया कि यदि प्रदेश के विकास के लिए आवश्यक होगा, तो वे हर क्षेत्र में जाएंगे और विकास में आने वाली बाधाओं को दूर करेंगे।
नौ वर्षों की यात्रा
प्रदेश सरकार ने नौ वर्षों की इस विकास यात्रा को विशेष कार्यक्रम के माध्यम से चिह्नित किया। उल्लेखनीय है कि योगी आदित्यनाथ ने पहली बार 19 मार्च 2017 को मुख्यमंत्री पद की शपथ ली थी और 25 मार्च 2022 को दूसरी बार इस पद की जिम्मेदारी संभाली। इस प्रकार, उनकी सरकार ने नौ वर्षों का कार्यकाल पूर्ण कर लिया है।