• Jagran.com
  • Jagran Josh
  • Her Zindagi
  • Onlymyhealth
  • Jagran TV
  • Vishvas News
  • Inextlive
  • मेरी खबरें
मेरी खबरें
  • होम
  • ताजा खबरें
  • मध्यप्रदेश
  • छत्तीसगढ़
  • उत्तर प्रदेश
  • देश
  • धर्म
  • मनोरंजन
  • राशिफल
  • लाइफस्टाइल
  • अन्य
    • बिज़नेस
    • बड़ी खबरें
    • खेल
    • विदेश
    • करियर
    • टॉपिक्स
    • टेक्नोलॉजी
    • कोरोना वायरस
    • शिक्षा
  • राज्य चुनें
  • ई-पेपर
  • राशिफल
  • राज्य चुनें
  • ई-पेपर
  • फटाफट
  • राशिफल
  • वेब स्टोरीज
नईदुनिया ट्रेंडिंग
  • रक्षाबंधन
  • सावन माह
  • मानसून
  • मध्‍य प्रदेश की खबरें
  • राशि परिवर्तन
  • वास्‍तु शास्‍त्र
  • स्वच्छ जल
  • होम
  • उत्तर प्रदेश
  • लखनऊ

Indian Railways: तीन ट्रेनों को जोड़कर तैयार ‘अवध महाशक्ति’ ट्रेन पटरी पर दौड़ी, लगाए गए 129 डिब्बे और 3 इंजन

Indian Railways News: पूर्वोत्तर रेलवे की पहली ‘अवध महाशक्ति’ (Awadh Mahashakti Train) ट्रेन गुरुवार को गोंडा जंक्शन से रवाना हुई। तीन ट्रेनों को जोड़...और पढ़ें

By Digital DeskEdited By: Akash Sharma
Publish Date: Fri, 21 Aug 2026 03:43:43 PM (IST)Updated Date: Fri, 21 Aug 2026 03:43:43 PM (IST)
Indian Railways: तीन ट्रेनों को जोड़कर तैयार ‘अवध महाशक्ति’ ट्रेन पटरी पर दौड़ी, लगाए गए 129 डिब्बे और 3 इंजन
‘अवध महाशक्ति’ ट्रेन गुरुवार को गोंडा से रवाना हुई

HighLights

  1. गोंडा से मुरादाबाद वाया सीतापुर संचालन किया गया
  2. एक ट्रिप में अधिक माल ढुलाई संभव हो सकेगी
  3. ‘अवध महाशक्ति’ ट्रेन गुरुवार को गोंडा से रवाना हुई।समय, ईंधन और ट्रैक क्षमता का बेहतर उपयोग होगा

डिजिटल डेल्क, लखनऊ। पूर्वोत्तर रेलवे के लखनऊ मंडल ने माल परिवहन के क्षेत्र में नई उपलब्धि हासिल की है। मंडल की तीन ट्रेनों को जोड़कर तैयार की गई ‘अवध महाशक्ति’ ट्रेन गुरुवार को गोंडा से मुरादाबाद मंडल के लिए वाया सीतापुर रवाना हुई। गोंडा आरओएच डिपो द्वारा तैयार यह पूर्वोत्तर रेलवे की पहली फ्रेट ट्रेन है। इसमें 129 वैगन और तीन इंजन लगाए गए हैं।

गोंडा जंक्शन से 01:50 बजे हुई रवाना

‘अवध महाशक्ति’ ट्रेन को गोंडा जंक्शन स्टेशन से गुरुवार दोपहर 01:50 बजे रवाना किया गया। एक साथ 129 वैगनों के संचालन से एक ही ट्रिप में अधिक मात्रा में माल की ढुलाई संभव होगी। इससे रेलवे की परिवहन क्षमता बढ़ने के साथ राजस्व आय में भी वृद्धि होने की उम्मीद है।


तीन ट्रेनों को जोड़कर तैयार की गई

इस ट्रेन को तीन मालगाड़ियों को एक साथ जोड़कर तैयार किया गया है। एक ही ट्रेन के रूप में संचालन होने से परिचालन समय और ईंधन की बचत होगी। साथ ही उपलब्ध ट्रैक क्षमता का अधिक प्रभावी तरीके से इस्तेमाल किया जा सकेगा। इससे अन्य यात्री और ट्रेनों के संचालन के लिए भी मार्ग उपलब्ध कराने में मदद मिलेगी।

अलग-अलग संचालन में लगते अतिरिक्त संसाधन

यदि तीनों ट्रेनों को अलग-अलग चलाया जाता तो प्रत्येक के लिए अलग मार्ग और चालक दल की व्यवस्था करनी पड़ती। ‘अवध महाशक्ति’ के रूप में एक साथ संचालन से इन संसाधनों का बेहतर उपयोग होगा और समय की भी बचत होगी।

बेहतर प्रबंधन और तालमेल का परिणाम

पूर्वोत्तर रेलवे के मंडल रेल प्रबंधक गौरव अग्रवाल के मार्गदर्शन में यह पहल की गई। उन्होंने कहा कि ट्रेन का सफल संचालन मंडल की कार्यक्षमता, विभिन्न विभागों के बीच बेहतर तालमेल और प्रभावी प्रबंधन का उदाहरण है। इसका उद्देश्य माल परिवहन क्षमता बढ़ाकर ग्राहकों को तेज और किफायती सेवा उपलब्ध कराना है। वरिष्ठ मंडल परिचालन प्रबंधक/समन्वय डा. शिल्पी कनौजिया ने ट्रेन के संचालन और इसकी विशेषताओं की जानकारी दी।