'मध्य प्रदेश में जमीनों को लेकर कुछ लोगों का बड़ा निवेश दांव पर लगा हुआ', अखिलेश यादव पर मंत्री ओपी राजभर का तीखा हमला
मध्य प्रदेश में कथित जमीन विवाद को लेकर सियासी बयानबाजी तेज हो गई है। उत्तर प्रदेश सरकार में मंत्री ओपी राजभर ने समाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव पर...और पढ़ें
Publish Date: Wed, 24 Jun 2026 01:21:36 PM (IST)Updated Date: Wed, 24 Jun 2026 01:23:50 PM (IST)
HighLights
- बोले-मोहन यादव के नाम पर 'अनावश्यक शोर' मचा रहे हैं अखिलेश
- आईएएस भरत यादव और सपा के कुछ नेताओं के रिश्तों पर उठाया सवाल
- बोले-आप क्यों घबरा गए! कैसे आपके निवेश पर चोट पहुंच गई और क्यों
डिजिटल डेस्क, लखनऊ। मध्य प्रदेश में कथित जमीन विवाद को लेकर सियासी बयानबाजी तेज हो गई है। सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी (सुभासपा) के राष्ट्रीय अध्यक्ष और उत्तर प्रदेश सरकार में मंत्री ओपी राजभर ने समाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव पर तीखा हमला बोला है।
हाल ही में मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव के समर्थन में दिए गए अखिलेश यादव के बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए राजभर ने उन पर राजनीतिक हित साधने और जमीन निवेश से जुड़े सवाल उठाए हैं।
बोले-मोहन यादव के नाम पर 'अनावश्यक शोर' मचा रहे हैं अखिलेश
ओपी राजभर ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक लंबी पोस्ट साझा करते हुए कहा कि अखिलेश यादव मुख्यमंत्री मोहन यादव के नाम पर 'अनावश्यक शोर' मचा रहे हैं। उन्होंने सवाल किया कि आखिर सपा प्रमुख इस मुद्दे पर इतनी सक्रियता क्यों दिखा रहे हैं और क्या छिपाना चाहते हैं।
आईएएस भरत यादव और सपा के कुछ नेताओं के रिश्तों पर उठाया सवाल
राजभर ने अपनी पोस्ट में लिखा कि अखिलेश यादव की प्रतिक्रिया यह संकेत देती है कि मध्य प्रदेश में जमीनों को लेकर कुछ लोगों का बड़ा निवेश दांव पर लगा हुआ है। उन्होंने दावा किया कि मध्य प्रदेश कैडर के आईएएस अधिकारी भरत यादव और सपा से जुड़े कुछ नेताओं के रिश्तों को लेकर भी कई सवाल हैं, जिनकी जांच होनी चाहिए।
सैफई परिवार पर भी साधा निशाना
ओपी राजभर ने अपने हमले को आगे बढ़ाते हुए सैफई परिवार को भी निशाने पर लिया। उन्होंने आरोप लगाया कि जमीनों और विकास परियोजनाओं से जुड़े मामलों में सपा नेतृत्व का पुराना रिकॉर्ड विवादों से घिरा रहा है। उन्होंने लखनऊ-आगरा एक्सप्रेसवे परियोजना का उल्लेख करते हुए दावा किया कि परियोजना के रूट निर्धारण में निजी हितों को प्राथमिकता दी गई थी।
हालांकि इन आरोपों को लेकर उन्होंने कोई दस्तावेजी प्रमाण सार्वजनिक नहीं किया। राजभर ने यह भी कहा कि जांच एजेंसियों को यह पता लगाना चाहिए कि मध्य प्रदेश में उत्तर प्रदेश के किन-किन प्रभावशाली लोगों ने निवेश किया है और उनके हित इस पूरे विवाद से जुड़े हैं या नहीं।
क्या कहा था अखिलेश यादव ने?
दरअसल, मंगलवार को अखिलेश यादव ने मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव से जुड़े जमीन विवाद पर प्रतिक्रिया देते हुए उनका बचाव किया था। उन्होंने आरोप लगाया था कि यह पूरा मामला भारतीय जनता पार्टी की अंदरूनी राजनीति का हिस्सा है और मुख्यमंत्री को बदनाम करने की कोशिश की जा रही है।
अखिलेश यादव ने दावा किया था कि भाजपा विभिन्न राज्यों में नेतृत्व परिवर्तन की संभावनाएं तलाश रही है। उन्होंने कहा था कि पार्टी मध्य प्रदेश, राजस्थान और उत्तर प्रदेश में भी मुख्यमंत्री बदलने की रणनीति पर काम कर रही है।
अखिलेश के इस बयान के बाद भाजपा और समाजवादी पार्टी के बीच आरोप-प्रत्यारोप का दौर और तेज हो गया है। अब ओपी राजभर के ताजा हमले ने इस राजनीतिक विवाद को नया आयाम दे दिया है।