कार्यकाल के बाद भी ग्राम प्रधानों के हाथ में रहेगी 'कमान', प्रशासक बनाने को लेकर ओपी राजभर ने बताया सरकार का प्लान
विभाग की ओर से मुख्यमंत्री को प्रस्ताव भेजा गया है और अगले एक-दो दिनों में इस पर फैसला लिया जा सकता है। ...और पढ़ें
Publish Date: Sat, 23 May 2026 02:52:36 PM (IST)Updated Date: Sat, 23 May 2026 02:52:36 PM (IST)
पंचायत चुनाव टलने पर ग्राम प्रधान बन सकते हैं प्रशासकHighLights
- पंचायत चुनाव टलने पर ग्राम प्रधान बन सकते हैं प्रशासक
- अब्बास अंसारी को दोबारा टिकट नहीं देंगे: राजभर
- पीडीए को बताया ‘परिवार डेवलपमेंट अथॉरिटी’
डिजिटल डेस्क। उत्तर प्रदेश के पंचायती राज मंत्री ओमप्रकाश राजभर ने कहा है कि यदि त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव समय पर नहीं हो पाते हैं, तो ग्राम प्रधानों की अगुवाई में प्रशासक नियुक्त किए जा सकते हैं। उन्होंने बताया कि इस संबंध में विभाग की ओर से मुख्यमंत्री को प्रस्ताव भेजा गया है और अगले एक-दो दिनों में इस पर फैसला लिया जा सकता है।
शुक्रवार शाम मरदह क्षेत्र में सड़क चौड़ीकरण कार्य के शिलान्यास कार्यक्रम में पहुंचे राजभर ने पत्रकारों से बातचीत के दौरान यह बयान दिया।
अब्बास अंसारी पर भी जवाब
मऊ विधायक अब्बास अंसारी को लेकर पूछे गए सवाल पर उन्होंने कहा कि अब्बास समाजवादी पार्टी के विधायक हैं, जो सुभासपा के चुनाव चिह्न पर जीतकर विधानसभा पहुंचे थे। उन्होंने साफ तौर पर कहा कि भविष्य में अब्बास अंसारी को पार्टी से दोबारा टिकट नहीं दिया जाएगा।
अखिलेश यादव पर निशाना
राजभर ने दावा किया कि समाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव खुद कह चुके हैं कि उन्होंने अपना नेता चुनाव लड़ने के लिए भेजा था। इस दौरान उन्होंने समाजवादी पार्टी के पीडीए फार्मूले पर भी निशाना साधा। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि "पीडीए का मतलब परिवार डेवलपमेंट अथॉरिटी है, जिसमें पी से परिवार, डी से डिंपल और ए से अखिलेश यादव हैं।" उन्होंने कहा कि जब अखिलेश यादव प्रदेश के मुख्यमंत्री थे, तब उन्हें पीडीए की याद नहीं आई।
सरकारी नौकरी को लेकर साधा निशाना
राजभर ने आरोप लगाया कि सपा सरकार के दौरान सरकारी नौकरियों की भर्ती सूची शिवपाल यादव तैयार करते थे और उस पर अखिलेश यादव हस्ताक्षर करते थे। उन्होंने यह भी कहा कि समाजवादी पार्टी में कुछ खास लोग ही फायदा उठाते थे। साथ ही उन्होंने यूपीएससी के पूर्व अध्यक्ष अनिल यादव की नियुक्ति का जिक्र करते हुए कहा कि उस समय हाईकोर्ट ने भी सरकार को फटकार लगाई थी।