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यूपी में दौड़ेगी नमो भारत रैपिड रेल, लखनऊ-अयोध्या समेत 5 शहरों में मिलेगी सुविधा

उत्तर प्रदेश में कानपुर, उन्नाव, लखनऊ, बाराबंकी और अयोध्या को जोड़ने वाले 187 किलोमीटर लंबे नमो भारत रैपिड रेल कॉरिडोर की तैयारी शुरू हो गई है।

By Digital DeskEdited By: Akash Sharma
Publish Date: Tue, 04 Aug 2026 01:33:59 PM (IST)Updated Date: Tue, 04 Aug 2026 01:33:59 PM (IST)
यूपी में दौड़ेगी नमो भारत रैपिड रेल, लखनऊ-अयोध्या समेत 5 शहरों में मिलेगी सुविधा
दिल्ली-एनसीआर मॉडल पर यूपी को मिलेगी नमो भारत रैपिड रेल (फाइल फोटो)

HighLights

  1. 187 किमी नमो भारत कॉरिडोर का सर्वे शुरू
  2. कानपुर से अयोध्या सफर सिर्फ 9ं0 मिनट
  3. कानपुर से लखनऊ पहुंचेंगे केवल 40 मिनट

डिजिटल डेस्क, लखनऊ। उत्तर प्रदेश में क्षेत्रीय परिवहन व्यवस्था को आधुनिक और तेज बनाने की दिशा में एक नई पहल शुरू हो गई है। दिल्ली-एनसीआर की तर्ज पर कानपुर, उन्नाव, लखनऊ, बाराबंकी और अयोध्या को जोड़ने वाले नमो भारत (रैपिड रेल) कॉरिडोर की योजना पर काम शुरू हो गया है। प्रस्तावित 187 किलोमीटर लंबे इस कॉरिडोर के लिए सर्वे का कार्य प्रारंभ कर दिया गया है।

कानपुर से लखनऊ 40 मिनट, अयोध्या 90 मिनट में

परियोजना पूरी होने के बाद यात्रियों को बड़ी राहत मिलेगी। प्रस्तावित हाईस्पीड नमो भारत सेवा के जरिए कानपुर से लखनऊ की दूरी करीब 40 मिनट में तय की जा सकेगी, जबकि कानपुर से अयोध्या का सफर केवल 90 मिनट में पूरा होगा। इससे रोजाना यात्रा करने वाले हजारों लोगों का समय बचेगा और आवागमन पहले की तुलना में अधिक सुविधाजनक होगा।


एलडीए को सौंपी गई डीपीआर की जिम्मेदारी

मंडलायुक्त के. विजयेन्द्र पांडियन के अनुसार, रैपिड रेल परियोजना के लिए राइट्स संस्था के माध्यम से सर्वे का काम शुरू कर दिया गया है। वहीं, परियोजना की विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (डीपीआर) तैयार करने की जिम्मेदारी लखनऊ विकास प्राधिकरण (एलडीए) को सौंपी गई है।

32 हजार करोड़ रुपये की परियोजना, दो चरणों में होगा निर्माण

करीब 32 हजार करोड़ रुपये की लागत वाली इस परियोजना को राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र परिवहन निगम (एनसीआरटीसी) और उत्तर प्रदेश सरकार संयुक्त रूप से विकसित करेंगे। योजना को दो चरणों में लागू किया जाएगा। पहले चरण में कानपुर के नयागंज से लखनऊ के अमौसी तक लगभग 67 किलोमीटर लंबे सेक्शन का निर्माण किया जाएगा। दूसरे चरण में कॉरिडोर को बाराबंकी होते हुए अयोध्या तक विस्तारित किया जाएगा।

12 स्टेशन और लखनऊ बनेगा इंटरचेंज हब

पूरे 187 किलोमीटर लंबे मार्ग पर कुल 12 स्टेशन प्रस्तावित हैं। इससे प्रमुख शहरों के साथ-साथ आसपास के क्षेत्रों को भी आधुनिक और तेज रेल संपर्क मिलेगा। परियोजना में लखनऊ को पूरे नेटवर्क का रीजनल इंटरचेंज हब बनाया जाएगा, जहां से यात्रियों को रेल, मेट्रो और अन्य सार्वजनिक परिवहन सेवाओं से बेहतर कनेक्टिविटी उपलब्ध होगी।

धार्मिक पर्यटन और यातायात को मिलेगा लाभ

इस कॉरिडोर के शुरू होने से कानपुर, उन्नाव, लखनऊ, बाराबंकी और अयोध्या के बीच सड़क यातायात का दबाव कम होने की उम्मीद है। साथ ही अयोध्या तक हाईस्पीड रेल पहुंचने से धार्मिक पर्यटन को भी बढ़ावा मिलेगा। राम मंदिर के दर्शन के लिए आने वाले श्रद्धालु कानपुर और लखनऊ से कम समय में अयोध्या पहुंच सकेंगे।