उत्तर प्रदेश में पशु चिकित्सा छात्रों का इंटर्नशिप भत्ता 4 हजार से बढ़ाकर 12 हजार रुपये, योगी कैबिनेट ने दी मंजूरी
Yogi Cabinet decision: उत्तर प्रदेश सरकार ने पशु चिकित्सा के छात्रों को बड़ी राहत देते हुए उनके इंटर्नशिप भत्ते में 8 हजार रुपये प्रतिमाह की बढ़ोतरी क ...और पढ़ें
Publish Date: Mon, 18 May 2026 03:26:50 PM (IST)Updated Date: Mon, 18 May 2026 03:29:34 PM (IST)
HighLights
- राज्य कैबिनेट की बैठक में इस प्रस्ताव को मंजूरी
- 8 हजार रुपये प्रतिमाह की बढ़ोतरी करने का फैसला
- लगभग 4.20 करोड़ का अतिरिक्त वार्षिक व्यय भार
डिजिटल डेस्क, लखनऊ। उत्तर प्रदेश सरकार ने पशु चिकित्सा के छात्रों को बड़ी राहत देते हुए उनके इंटर्नशिप भत्ते में 8 हजार रुपये प्रतिमाह की बढ़ोतरी करने का फैसला लिया है। अब छात्रों को 4 हजार रुपये के बजाय 12 हजार रुपये प्रतिमाह इंटर्नशिप भत्ता मिलेगा। सोमवार को हुई राज्य कैबिनेट की बैठक में इस प्रस्ताव को मंजूरी दे दी गई।
प्रदेश में वर्तमान में मथुरा स्थित पंडित दीनदयाल उपाध्याय पशु चिकित्सा विज्ञान विश्वविद्यालय एवं गो अनुसंधान संस्थान, अयोध्या के आचार्य नरेंद्र देव कृषि एवं प्रौद्योगिक विश्वविद्यालय तथा मेरठ के सरदार वल्लभभाई पटेल कृषि एवं प्रौद्योगिक विश्वविद्यालय में पशु चिकित्सा की पढ़ाई कराई जा रही है।
ICAR से छह माह के लिए 3 हजार प्रतिमाह भत्ता मिलता था
भारतीय पशु चिकित्सा परिषद के मानकों के अनुसार तीनों विश्वविद्यालयों में प्रत्येक बैच में 100-100 छात्र अध्ययनरत हैं। अब तक छात्रों को भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद (ICAR) की ओर से केवल छह माह के लिए 3 हजार रुपये प्रतिमाह भत्ता दिया जाता था।
वहीं मथुरा विश्वविद्यालय में राज्य अनुदान से अतिरिक्त सहायता भी दी जा रही थी, लेकिन अन्य विश्वविद्यालयों के छात्रों को राज्य सरकार से कोई अतिरिक्त भत्ता नहीं मिल रहा था।
अन्य राज्यों को ध्यान में रखते हुए लिया फैसला
सरकार ने यह फैसला अन्य राज्यों में दिए जा रहे अधिक इंटर्नशिप भत्ते को ध्यान में रखते हुए लिया है। हरियाणा और कर्नाटक में पशु चिकित्सा छात्रों को 14 हजार रुपये, जबकि केरल में 20 हजार रुपये प्रतिमाह तक भत्ता दिया जा रहा है। इसके अलावा उत्तर प्रदेश में एमबीबीएस और बीडीएस छात्रों को भी 12 हजार रुपये प्रतिमाह इंटर्नशिप भत्ता मिलता है।
लगभग 4.20 करोड़ का अतिरिक्त वार्षिक व्यय भार
पशुपालन विभाग की ओर से भेजे गए प्रस्ताव के आधार पर यह बढ़ोतरी मंजूर की गई है। इस फैसले से प्रदेश के तीनों विश्वविद्यालयों में अध्ययनरत करीब 300 छात्रों को सीधा लाभ मिलेगा। सरकार पर इसके चलते लगभग 4.20 करोड़ रुपये का अतिरिक्त वार्षिक व्यय भार आएगा।