योगी कैबिनेट की बैठक में किसानों के हित में बड़ा निर्णय, सरकार ने बढ़ाया गेहूं का न्यूनतम समर्थन मूल्य
Yogi Cabinet Decision: मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में हुई उत्तर प्रदेश कैबिनेट की बैठक में किसानों के हित में बड़ा निर्णय लिया गया। ...और पढ़ें
Publish Date: Mon, 23 Mar 2026 03:33:22 PM (IST)Updated Date: Mon, 23 Mar 2026 03:35:59 PM (IST)
HighLights
- पिछले वर्ष की तुलना में 160 रुपये प्रति क्विंटल की वृद्धि
- गेहूं की खरीद 30 मार्च से शुरू होकर 15 जून तक चलेगी
- किसानों को अतिरिक्त वित्तीय सहायता देने का भी निर्णय
डिजिटल डेस्क। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में हुई उत्तर प्रदेश कैबिनेट की बैठक में किसानों के हित में बड़ा निर्णय लिया गया। सरकार ने रबी विपणन वर्ष 2026-27 के लिए गेहूं का न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) 2585 रुपये प्रति क्विंटल निर्धारित करने को मंजूरी दे दी है। यह पिछले वर्ष की तुलना में 160 रुपये प्रति क्विंटल की वृद्धि है।
कैबिनेट बैठक में गेहूं खरीद नीति के साथ-साथ निजी बिजनेस पार्क विकास योजना सहित कुल 21 प्रस्तावों को स्वीकृति प्रदान की गई। ये प्रस्ताव आवास, ऊर्जा, माध्यमिक शिक्षा, लोक निर्माण, आईटी, गृह, नमामि गंगे और ग्रामीण जलापूर्ति विभागों से जुड़े हैं।
गेहूं की खरीद 30 मार्च से शुरू होकर 15 जून तक चलेगी
सरकार के अनुसार, राज्य में गेहूं की खरीद 30 मार्च से शुरू होकर 15 जून तक चलेगी। इसके लिए 75 जिलों में आठ क्रय एजेंसियों के माध्यम से लगभग 6500 क्रय केंद्र स्थापित किए जाएंगे। गेहूं की खरीद भारतीय खाद्य निगम (FCI) और यूपी मंडी परिषद के अलावा पीसीएफ, पीसीयू, यूपीएसएस, नैफेड और एनसीसीएफ जैसी एजेंसियों द्वारा की जाएगी।
किसानों को अतिरिक्त वित्तीय सहायता देने का भी निर्णय
सरकार का उद्देश्य अधिक से अधिक किसानों से सीधे खरीद कर उन्हें उचित मूल्य सुनिश्चित करना है। बोरे महंगे होने की स्थिति को देखते हुए सरकार ने किसानों को अतिरिक्त वित्तीय सहायता देने का भी निर्णय लिया है। निवेश को बढ़ावा देने के लिए कैबिनेट ने 'प्लग एंड प्ले' मॉडल पर निजी डेवलपर्स के माध्यम से शेड युक्त बिजनेस पार्क विकसित करने की योजना को भी मंजूरी दी है।
इन योजनाओं को भी मिली मंजूरी
इस योजना के तहत सरकार भूमि उपलब्ध कराएगी, जबकि निजी डेवलपर बुनियादी ढांचा तैयार कर निवेशकों को किराए पर शेड उपलब्ध कराएंगे। इसके अलावा, माध्यमिक शिक्षा विभाग में एनसीसी निदेशालय के लिपिकीय संवर्ग के पुनर्गठन, गन्ना मूल्य भुगतान हेतु ऋण गारंटी, जल संरक्षण के लिए शोधित जल के उपयोग की नीति, और बुंदेलखंड औद्योगिक विकास प्राधिकरण (बीड़ा) से जुड़े प्रशासनिक सुधारों को भी मंजूरी दी गई।