तिरुपति की तर्ज पर बांकेबिहारी मंदिर में भी प्रसाद की व्यवस्था, दर्शन के बाद भक्तों को मिलेगा ठाकुरजी का प्रसाद
ठाकुर बांकेबिहारी मंदिर में दर्शन के लिए आने वाले श्रद्धालुओं को जल्द ही तिरुपति बालाजी मंदिर की तर्ज पर प्रसाद उपलब्ध कराया जाएगा।
Publish Date: Tue, 23 Jun 2026 01:56:33 PM (IST)Updated Date: Tue, 23 Jun 2026 01:59:57 PM (IST)
HighLights
- अभी श्रद्धालुओं को नहीं मिल पाता मंदिर का प्रसाद
- मंदिर के पास ही तैयार होगा प्रसाद
- तिरुपति मॉडल पर बनेगी नई व्यवस्था
डिजिटल डेस्क, वृंदावन। ठाकुर बांकेबिहारी मंदिर में दर्शन के लिए आने वाले श्रद्धालुओं को जल्द ही तिरुपति बालाजी मंदिर की तर्ज पर प्रसाद उपलब्ध कराया जाएगा। सुप्रीम कोर्ट द्वारा गठित उच्चाधिकार प्राप्त प्रबंधन समिति मंदिर में भोग भंडार की व्यवस्था शुरू करने की तैयारी कर रही है, ताकि हर भक्त दर्शन के बाद ठाकुरजी का प्रसाद प्राप्त कर सके।
मंदिर समिति इसके लिए मंदिर परिसर के आसपास उपयुक्त और बड़े स्थान की तलाश कर रही है, जहां प्रतिदिन हजारों श्रद्धालुओं के लिए स्वच्छ और गुणवत्तापूर्ण प्रसाद तैयार किया जा सके। समिति का लक्ष्य है कि आने वाले समय में यह व्यवस्था पूरी तरह लागू कर दी जाए।
अभी श्रद्धालुओं को नहीं मिल पाता मंदिर का प्रसाद
देश-विदेश से प्रतिदिन हजारों श्रद्धालु बांकेबिहारी मंदिर में दर्शन के लिए पहुंचते हैं, लेकिन वर्तमान में मंदिर में कोई आधिकारिक भोग भंडार या प्रसाद वितरण व्यवस्था नहीं है। ऐसे में दर्शन के बाद अधिकांश श्रद्धालु ठाकुरजी का प्रसाद प्राप्त करने से वंचित रह जाते हैं।
हालांकि, सेवायत अपने यजमानों या विशेष अतिथियों को प्रसाद की डलिया भेंट कर देते हैं, लेकिन सामान्य श्रद्धालुओं के लिए ऐसी कोई व्यवस्था उपलब्ध नहीं है। इसी कमी को दूर करने के लिए प्रबंधन समिति प्रसाद वितरण योजना पर काम कर रही है।
मंदिर के पास ही तैयार होगा प्रसाद
उच्चाधिकार प्राप्त प्रबंधन समिति के अध्यक्ष अशोक कुमार ने बताया कि मंदिर में भोग भंडार की व्यवस्था शुरू करना समिति की प्राथमिकताओं में शामिल है। इसके लिए मंदिर के निकट ही बड़े स्थान की तलाश की जा रही है, जहां प्रतिदिन बड़े पैमाने पर प्रसाद तैयार किया जा सके। उन्होंने कहा कि जल्द ही इस योजना को मूर्त रूप दिया जाएगा।
फिलहाल बाजार से खरीदकर चढ़ाते हैं भोग
वर्तमान में श्रद्धालु बाजार से पेड़ा और अन्य मिठाइयां खरीदकर मंदिर पहुंचते हैं तथा सेवायतों और भंडारियों की सहायता से ठाकुरजी को भोग अर्पित करते हैं। भीड़भाड़ वाले दिनों में यह प्रक्रिया और भी कठिन हो जाती है।
कई बार श्रद्धालु प्रसाद के डिब्बे से पेड़ा निकालकर ठाकुरजी की ओर उछाल देते हैं। उनकी मान्यता होती है कि ऐसा करने से भोग अर्पित हो जाता है। इससे व्यवस्था और सुरक्षा दोनों के लिहाज से चुनौतियां उत्पन्न होती हैं।
2002 तक संचालित था भोग भंडार
बांकेबिहारी मंदिर में वर्ष 2002 तक भोग भंडार की व्यवस्था मौजूद थी। मंदिर परिसर में स्थापित काउंटर से श्रद्धालु रसीद कटवाकर प्रसाद प्राप्त करते थे। हालांकि, बाद में सेवायतों के बीच विवाद और ठेका व्यवस्था को लेकर उत्पन्न मतभेदों के कारण भोग भंडार बंद कर दिया गया।
तिरुपति मॉडल पर बनेगी नई व्यवस्था
तिरुपति बालाजी मंदिर में दर्शन के बाद श्रद्धालु निर्धारित काउंटर पर रसीद कटवाकर अपनी सुविधा और सामर्थ्य के अनुसार प्रसाद प्राप्त करते हैं। अब बांकेबिहारी मंदिर में भी इसी तरह की व्यवस्था लागू करने की तैयारी है, जिससे हर भक्त को दर्शन के साथ ठाकुरजी का प्रसाद भी मिल सके।