
डिजिटल डेस्क, अलीगढ़। मुख्यमंत्री जनसुनवाई पोर्टल (आईजीआरएस) पर प्राप्त शिकायतों के निस्तारण में लगातार लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों के खिलाफ जिलाधिकारी (डीएम) ने बेहद सख्त रुख अपनाया है। डीएम ने कड़ा प्रशासनिक कदम उठाते हुए मुख्य वरिष्ठ कोषाधिकारी समेत विभिन्न विभागों के कुल 33 अधिकारियों का मई माह का वेतन तत्काल प्रभाव से रोक दिया है। उन्होंने स्पष्ट चेतावनी दी है कि जब तक शिकायतों के संतोषजनक निस्तारण की गुणवत्ता में सुधार नहीं होगा, तब तक वेतन जारी नहीं किया जाएगा।
प्रशासनिक समीक्षा में सबसे खराब और चिंताजनक स्थिति बिजली विभाग (विद्युत वितरण खंड) की पाई गई। बिजली विभाग के पास कुल 464 शिकायतें लंबित थीं, जिनमें से 260 शिकायतों का निस्तारण बेहद असंतोषजनक मिला। विभाग का सफलता प्रतिशत महज 44 रहा।
हद तो तब हो गई जब विद्युत वितरण खंड-5 और कुछ अन्य विभागों द्वारा निस्तारित की गई शिकायतों में एक भी शिकायत संतोषजनक नहीं पाई गई। इसके अलावा, लोक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी) प्रांतीय खंड की स्थिति भी दयनीय रही, जहां 397 शिकायतों में से 262 असंतोषजनक मिलीं और सफलता का ग्राफ केवल 34 प्रतिशत रहा।
वेतन रोके जाने वाले 33 अधिकारियों में बिजली विभाग के अधिशासी अभियंता (खंड-1 व खंड-5), जिला विद्यालय निरीक्षक, जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी (BSA), जिला पंचायती राज अधिकारी (DPRO), जिला समाज कल्याण अधिकारी, जिला क्रीड़ा अधिकारी, सहायक संभागीय परिवहन अधिकारी (ARTO प्रवर्तन), उप निदेशक कृषि, उप निदेशक मंडी परिषद, कई खंड विकास अधिकारी (BDO), खंड शिक्षा अधिकारी (BEO) और प्रभारी चिकित्सा अधीक्षक शामिल हैं।
डीएम ने कड़े शब्दों में कहा कि 30 अप्रैल को सख्त निर्देश देने के बावजूद अधिकारियों की कार्यप्रणाली में कोई सुधार नहीं हुआ। यह प्रशासनिक उदासीनता और जनता के प्रति जवाबदेही की कमी को दर्शाता है। यदि कार्यप्रणाली में जल्द सुधार नहीं हुआ, तो दोषियों के खिलाफ इससे भी बड़ी अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी।