गाजियाबाद फर्जी पासपोर्ट मामला: आठ दारोगा लाइन हाजिर, मुंशी ने किया था आईडी का दुरुपयोग
Ghaziabad fake passport case: गाजियाबाद में फर्जी पासपोर्ट मामले में पुलिस विभाग ने बड़ी कार्रवाई की है। मंगलवार को भोजपुर थाने में तैनात आठ दारोगाओं ...और पढ़ें
Publish Date: Tue, 03 Feb 2026 03:02:29 PM (IST)Updated Date: Tue, 03 Feb 2026 03:02:29 PM (IST)
गाजियाबाद फर्जी पासपोर्ट मामले में आठ दारोगा लाइन हाजिरHighLights
- 30 से अधिक मोबाइल नंबरों की हो रही जांच
- चार टीमें 22 आरोपितों की तलाश में जुटी
- फर्जी दस्तावेजों से आवेदन पर दर्ज होगी FIR
डिजिटल डेस्क। गाजियाबाद में फर्जी पासपोर्ट मामले में पुलिस विभाग ने बड़ी कार्रवाई की है। मंगलवार को भोजपुर थाने में तैनात आठ दारोगाओं को लाइन हाजिर कर दिया गया। जांच में सामने आया है कि थाने के मुंशी दीपक कुमार ने इन्हीं दारोगाओं की आईडी का इस्तेमाल करते हुए थाने में बैठकर ही पासपोर्ट वेरिफिकेशन कर दिए थे।
30 से अधिक मोबाइल नंबरों की हो रही जांच
भोजपुर क्षेत्र के नाम और पतों पर जारी फर्जी पासपोर्ट के मामले में पुलिस 30 से ज्यादा मोबाइल नंबरों की कुंडली खंगाल रही है। इनमें एजेंटों, पुलिसकर्मियों, डाक विभाग के कर्मचारियों और पासपोर्ट बनवाने वालों से जुड़े नंबर शामिल हैं।
चार टीमें 22 आरोपितों की तलाश में जुटी
एजेंट विवेक गांधी और प्रकाश सुब्बा से जिन नंबरों पर बातचीत हुई थी, उन्हीं के आधार पर पुलिस जांच को आगे बढ़ा रही है। पुलिस की चार टीमें इस मामले में 22 आरोपितों की तलाश में जुटी हैं। फरार आरोपितों की गिरफ्तारी के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि फर्जीवाड़े के जरिए पासपोर्ट किस उद्देश्य से हासिल किए गए। मामले की जांच लगातार जारी है।
फर्जी दस्तावेजों से आवेदन पर दर्ज होगी FIR
शिक्षा का अधिकार अधिनियम (RTE) के तहत दाखिले के लिए आवेदन प्रक्रिया शुरू हो चुकी है। हर साल बड़ी संख्या में अपात्र बच्चों के अभिभावक फर्जी दस्तावेजों के जरिए आवेदन कर देते हैं, जिससे कई बार पात्र बच्चों को इसका लाभ नहीं मिल पाता।
इस साल विभाग ने फर्जी दस्तावेजों के सहारे ऑनलाइन आवेदन करने पर सख्ती बरतने का फैसला किया है। यदि किसी भी आवेदन में फर्जीवाड़ा पाया गया तो संबंधित आवेदक के खिलाफ FIR दर्ज कर कानूनी कार्रवाई की जाएगी।