वर्ष 2024 में 108 युवाओं को नौकरी दी गई, जबकि वर्ष 2025 में यह संख्या बढ़कर 292 पहुंच गई। चयनित अभ्यर्थियों को प्रतिमाह 11,000 रुपए से 21,000 रुपए तक वेतन दिया जा रहा है।
औद्योगिक विस्तार से बढ़े अवसर
जिले में औद्योगिक इकाइयों के विस्तार और नई तकनीक आधारित उत्पादन शुरू होने से स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर तेजी से बढ़े हैं। अब युवाओं को काम की तलाश में महानगरों की ओर पलायन नहीं करना पड़ रहा। इससे न केवल परिवारों को स्थिरता मिली है, बल्कि जिले की अर्थव्यवस्था को भी मजबूती मिली है।
सेवायोजन अधिकारी रत्नेश त्रिपाठी के अनुसार, पीतल उद्योग, हैंडीक्राफ्ट, पैकेजिंग, ऑटो पार्ट्स, अस्पतालों और लघु निर्माण इकाइयों में नई भर्तियां की गई हैं।
इन प्रमुख संस्थानों में हुई भर्तियां
जिले की जिन संस्थाओं ने रोजगार उपलब्ध कराया है, उनमें प्रमुख रूप से शामिल हैं: सिद्ध अस्पताल, कासमास अस्पताल, एपैक्स अस्पताल, एशियन विवेकानंद अस्पताल, दीवान शुगर मिल, जीनश पेपर मिल, डिजाइनको प्रा.लि., सागर सिक्योरिटी, पशुपति एग्रीलोन, जेके डेरी, सीएल गुप्ता, एलआईसी और शिरडी साई स्कूल।
कई कंपनियों ने तकनीकी रूप से प्रशिक्षित युवाओं को प्राथमिकता दी है। कुछ संस्थानों ने आईटीआई और पॉलिटेक्निक से पासआउट विद्यार्थियों को सीधे रोजगार प्रदान किया है।
अब शहर से बाहर जाने की जरूरत नहीं
पहले युवाओं को रोजगार के लिए दिल्ली, नोएडा और अन्य औद्योगिक शहरों का रुख करना पड़ता था। इससे किराया, यात्रा और भोजन पर अतिरिक्त खर्च होता था। अब स्थानीय स्तर पर नौकरी मिलने से यह आर्थिक बोझ कम हुआ है। साथ ही परिवार के साथ रहने का अवसर मिलने से सामाजिक सुरक्षा और मानसिक संतुलन भी बेहतर हुआ है।