30 करोड़ की फ्लैट बुकिंग धोखाधड़ी मामले में बड़ा एक्शन, गाजियाबाद के 8 पुलिसकर्मी लाइन हाजिर, थाना प्रभारी भी हटाए गए
गाजियाबाद में फ्लैट बुकिंग के नाम पर करोड़ों रुपये की कथित धोखाधड़ी के मामले में पुलिस विभाग ने बड़ी कार्रवाई की है।
Publish Date: Thu, 16 Jul 2026 03:08:19 PM (IST)Updated Date: Thu, 16 Jul 2026 03:10:07 PM (IST)
HighLights
- नंदग्राम थाने के आठ पुलिसकर्मी लाइन हाजिर
- नंदग्राम थाना प्रभारी को भी क्राइम ब्रांच भेजा गया
- एफआईआर की धाराओं पर उठे सवाल
डिजिटल डेस्क, गाजियाबाद। गाजियाबाद में फ्लैट बुकिंग के नाम पर करोड़ों रुपये की कथित धोखाधड़ी के मामले में पुलिस विभाग ने बड़ी कार्रवाई की है। करीब 30.56 करोड़ रुपये की ठगी से जुड़े केस में एफआईआर में कथित रूप से गंभीर धाराएं नहीं लगाने के आरोप सही पाए जाने के बाद नंदग्राम थाने के आठ पुलिसकर्मियों को लाइन हाजिर कर दिया गया है। वहीं, नंदग्राम थाना प्रभारी को भी पद से हटाकर क्राइम ब्रांच भेज दिया गया है।
पुलिस विभाग ने इस मामले में कई प्रशासनिक फेरबदल भी किए हैं। आगरा से स्थानांतरित होकर आए संतोष कुमार त्रिपाठी को नंदग्राम थाने का नया प्रभारी नियुक्त किया गया है। वहीं, भोजपुर थाना प्रभारी प्रताप सिंह बालियान के गैर जनपद तबादले के बाद उनकी जगह साइबर क्राइम थाने में तैनात गिरीराज सिंह किशोर को भोजपुर थाने की जिम्मेदारी सौंपी गई है।
क्या है पूरा मामला?
हाल ही में एएसआर सेंट्रल एवेन्यू प्रोजेक्ट और राइट अर्थ इंफ्रा एलएलपी से जुड़े बिल्डरों के खिलाफ नंदग्राम थाने में धोखाधड़ी का मामला दर्ज किया गया था। एफआईआर में एएसआर सेंट्रल एवेन्यू के बिल्डर संदीप कुमार गुप्ता, राइट अर्थ इंफ्रा एलएलपी के वरुण मक्कड़ समेत अन्य आरोपियों के नाम शामिल हैं। आरोप है कि फ्लैट बुकिंग के नाम पर करीब 40 निवेशकों से 30.56 करोड़ रुपये की धोखाधड़ी की गई।
एफआईआर की धाराओं पर उठे सवाल
पीड़ित निवेशकों ने आरोप लगाया था कि मामले की गंभीरता के बावजूद एफआईआर में अपेक्षाकृत हल्की धाराएं लगाई गईं, जिससे आरोपियों को लाभ मिल सकता था। शिकायत की जांच कराए जाने पर आरोप प्रथम दृष्टया सही पाए गए। इसके बाद पुलिस आयुक्त के निर्देश पर संबंधित पुलिसकर्मियों के खिलाफ कार्रवाई की गई।
इन पुलिसकर्मियों पर हुई कार्रवाई
लाइन हाजिर किए गए पुलिसकर्मियों में हेड कॉन्स्टेबल मुकेश कुमार, रोहित कुमार, कंप्यूटर ऑपरेटर स्वाति, गौरव चौधरी, विकास कुमार, संदीप यादव, मनोज चौधरी और आयुष महामुनि शामिल हैं। पुलिस का कहना है कि मामले की निष्पक्ष जांच जारी है और जांच के आधार पर आगे भी आवश्यक कानूनी व विभागीय कार्रवाई की जाएगी।