बांकेबिहारी मंदिर में लगातार नौवें दिन फूल बंगला नहीं सजाया गया, विवाद अब और गहराया
वृंदावन स्थित बांकेबिहारी मंदिर में ‘फूल बंगला’ को लेकर चल रहा विवाद अब और गहरा गया है। ...और पढ़ें
Publish Date: Sun, 12 Apr 2026 03:45:17 PM (IST)Updated Date: Sun, 12 Apr 2026 03:47:41 PM (IST)
HighLights
- बांकेबिहारी मंदिर में ‘फूल बंगला’ को लेकर चल रहा विवाद
- ठाकुरजी ने बिना फूलों से सजे बंगले के ही भक्तों को दर्शन दिए
- राजभोग और शयनभोग दोनों सेवाओं में फूल बंगला नहीं सजा
डिजिटल डेस्क, वृंदावन। वृंदावन स्थित बांकेबिहारी मंदिर में ‘फूल बंगला’ को लेकर चल रहा विवाद अब और गहरा गया है। शनिवार को लगातार नौवें दिन भी मंदिर में सुबह और शाम की सेवाओं के दौरान फूल बंगला नहीं सजाया गया। ऐसे में ठाकुरजी ने बिना फूलों से सजे बंगले के ही भक्तों को दर्शन दिए।
मंदिर में फूल बंगला सजाने को लेकर सेवायतों और प्रबंधन समिति के बीच विवाद थमता नजर नहीं आ रहा। पहले सेवायत इस सेवा के लिए मंदिर कोष में मात्र 15 हजार रुपये जमा करते थे।
पूजा का अधिकार बहाल, स्थिति में नहीं हुआ बदलाव
हाल ही में उच्चाधिकार प्राप्त प्रबंधन समिति ने इस शुल्क को बढ़ाकर 1.51 लाख रुपये कर दिया, जिसका सेवायतों ने कड़ा विरोध किया। विवाद बढ़ने पर दो दिन पहले हुई बैठक में समिति ने शुल्क घटाकर 1.01 लाख रुपये कर दिया और जगमोहन में सेवायतों के पूजा अधिकार भी बहाल कर दिए। इसके बावजूद स्थिति में कोई बदलाव नहीं आया।
लगातार प्रभावित हो रही सेवा
शुक्रवार को आठवीं बार और शनिवार को नौवीं बार भी राजभोग और शयनभोग, दोनों प्रमुख सेवाओं में फूल बंगला नहीं सजाया गया। बताया जा रहा है कि सेवायत निर्धारित नई राशि मंदिर कोष में जमा करने को तैयार नहीं हैं, जिसके चलते यह स्थिति बनी हुई है।
आर्थिक पहलू भी विवाद का कारण
सूत्रों के अनुसार, सेवायत फूल बंगला सेवा कराने वाले श्रद्धालुओं से 10 से 15 लाख रुपये तक की राशि लेते रहे हैं, जबकि मंदिर कोष में पहले से निर्धारित 15 हजार रुपये भी नियमित रूप से जमा नहीं किए जाते थे। अब सेवायत पुरानी व्यवस्था पर ही अड़े हुए हैं, जिससे विवाद सुलझने के आसार फिलहाल कम नजर आ रहे हैं।