उत्तर प्रदेश के इन किसानों को बड़ी राहत, अब बिना रजिस्ट्री भी बेच सकेंगे गेहूं
गेहूं खरीद को लेकर सरकार के नए नियमों के बीच किसानों को बड़ी राहत मिली है। अब बिना फार्मर रजिस्ट्री के भी अपनी फसल सरकारी क्रय केंद्रों पर बेच सकेंगे। ...और पढ़ें
Publish Date: Fri, 17 Apr 2026 04:27:44 PM (IST)Updated Date: Fri, 17 Apr 2026 04:27:44 PM (IST)
किसानों को बड़ी राहत डिजिटल डेस्क। गेहूं खरीद को लेकर सरकार के नए नियमों के बीच किसानों को बड़ी राहत मिली है। अब चकबंदी प्रक्रिया से गुजर रहे गांवों के किसान बिना फार्मर रजिस्ट्री के भी अपनी फसल सरकारी क्रय केंद्रों पर बेच सकेंगे। इससे उन हजारों किसानों को राहत मिलेगी, जो अब तक मजबूरी में औने-पौने दाम पर उपज बेच रहे थे।
चकबंदी ने बढ़ाई थी परेशानी
जिले की करीब 47 ग्राम पंचायतों जैसे मंगौली, बनभरिया, सिंदुरवा और महोना पूरब में चकबंदी का काम चल रहा है। इन गांवों के 22 हजार से ज्यादा किसान फार्मर रजिस्ट्री नहीं करा पा रहे थे। नियम के चलते ये किसान सरकारी खरीद केंद्रों तक अपनी फसल नहीं ले जा पा रहे थे, जिससे उन्हें आढ़तियों के हाथों कम दाम पर गेहूं बेचने के लिए मजबूर होना पड़ रहा था।
सरकार का बड़ा फैसला
स्थिति को देखते हुए शासन ने राहत देते हुए फैसला किया है कि चकबंदी वाले गांवों के किसान अब पुरानी व्यवस्था के तहत ही अपनी उपज बेच सकेंगे। यानी उन्हें फार्मर रजिस्ट्री की अनिवार्यता से छूट दी गई है। इस फैसले से किसानों को सीधे न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) का लाभ मिल सकेगा।
जिले में खरीद की स्थिति
अमेठी में गेहूं खरीद के लिए कुल 106 क्रय केंद्र बनाए गए हैं। इनमें-
विपणन शाखा: 38
पीएसएफ: 20
पीसीयू: 20
यूपीएसएस: 17
भारतीय खाद्य निगम: 4
नैफेड: 5
मंडी समिति: 2
इन केंद्रों पर किसानों से 2585 रुपये प्रति क्विंटल की दर से गेहूं खरीदा जा रहा है। अब तक 4850 से ज्यादा किसान पंजीकरण भी करा चुके हैं।
रजिस्ट्री जरूरी, वरना नुकसान
अधिकारियों ने साफ किया है कि जिन किसानों की फार्मर रजिस्ट्री नहीं बनी है, वे 30 अप्रैल तक इसे जरूर पूरा कर लें। उपकृषि निदेशक सतेंद्र कुमार के अनुसार, समय पर रजिस्ट्री नहीं कराने पर किसानों को खाद, बीज और सरकारी योजनाओं का लाभ मिलने में परेशानी हो सकती है।