
डिजिटल डेस्क। मेरठ के शास्त्रीनगर स्थित सेंट्रल मार्केट में 'सेटबैक' (भवन निर्माण के लिए छोड़ी जाने वाली खाली जगह) छोड़ने के अदालती आदेश ने सैकड़ों परिवारों की नींद उड़ा दी है। इस आदेश के खिलाफ स्थानीय महिलाओं का आक्रोश अब सड़कों पर उतर आया है।
शुक्रवार को शास्त्रीनगर सेक्टर-2, 3 और 4 की सैकड़ों महिलाओं ने पैदल मार्च निकालते हुए क्षेत्रीय विधायक और ऊर्जा राज्य मंत्री डॉ. सोमेंद्र तोमर के आवास का घेराव किया। प्रदर्शन के दौरान माहौल उस वक्त भावुक हो गया जब नारेबाजी करते हुए कई महिलाएं फूट-फूटकर रोने लगीं।
पिछले 14 दिनों से धरने पर बैठी महिलाओं का सब्र शुक्रवार को टूट गया। भारी संख्या में महिलाएं मार्च निकालते हुए ब्लॉक-ए स्थित मंत्री के आवास पर पहुंचीं। वहां उन्होंने जमकर नारेबाजी की
विधायक जी बाहर आओ, विधायक जी मुंह न छिपाओ, हमें न्याय दिलाओ
जब महिलाओं को पता चला कि मंत्री घर पर नहीं हैं, तो वे आक्रोशित होकर मुख्य सड़क पर ही धरने पर बैठ गईं। पुलिस अधिकारियों ने उन्हें हटाने की कोशिश की, लेकिन महिलाएं अपनी मांग पर अड़ी रहीं कि वे बिना मंत्री से बात किए वहां से नहीं हटेंगी।
प्रदर्शन के दौरान ऊर्जा राज्य मंत्री के सामने ही अपनी व्यथा सुनाते हुए एक महिला का गला रुंध गया और वह चक्कर खाकर सड़क पर गिर पड़ी। यह देख अन्य महिलाएं भी रोने लगीं, जिससे वहां मौजूद पुलिसकर्मी और स्थानीय लोग भी सन्न रह गए। आनन-फानन में लोगों ने उन्हें पानी पिलाकर संभाला। महिलाओं का कहना था कि 14 दिनों से वे गुहार लगा रही हैं, लेकिन जनप्रतिनिधियों ने उनकी सुध नहीं ली।
करीब एक घंटे के इंतजार के बाद राज्य मंत्री डॉ. सोमेंद्र तोमर अपने आवास पर पहुंचे और प्रदर्शनकारियों से संवाद किया। उन्होंने महिलाओं को शांत कराते हुए कहा
इस मामले में राहत के लिए सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर की गई है। सरकार लगातार समाधान तलाश रही है। उन्होंने कहा कि वे काम करने में विश्वास रखते हैं, इसलिए अब तक मिलने नहीं आए थे। मंत्री ने भरोसा दिलाया कि न्यायालय के आदेश का सम्मान करते हुए जो भी सबसे बेहतर रास्ता होगा, वह निकाला जाएगा।
मंत्री के आश्वासन के बाद महिलाएं उनके आवास से तो हट गईं, लेकिन उन्होंने साफ कर दिया कि उनकी लड़ाई अभी खत्म नहीं हुई है। महिलाओं ने निर्णय लिया है कि जब तक कोई ठोस समाधान या लिखित आश्वासन नहीं मिल जाता, शास्त्रीनगर सेक्टर-2 में उनका धरना अनवरत जारी रहेगा।
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सेंट्रल मार्केट क्षेत्र में दुकानों और मकानों के अवैध निर्माण या सेटबैक न छोड़ने को लेकर कोर्ट ने सख्त आदेश दिए हैं। इस आदेश के क्रियान्वयन से क्षेत्र के कई मकानों और दुकानों के टूटने का खतरा मंडरा रहा है, जिसके विरोध में स्थानीय निवासी (खासकर महिलाएं) लामबंद हैं।