
डिजिटल डेस्क। दुनिया रहस्यों से भरी हुई है। हम बचपन से देखते आए हैं कि 12 घंटे का दिन और 12 घंटे की रात होती है। सूरज का उगना और ढलना एक सामान्य प्रक्रिया है। लेकिन क्या आप कल्पना कर सकते हैं कि कोई ऐसा भी देश है जहां लगातार दो महीने से ज्यादा समय तक सूरज डूबता ही नहीं? यहां आधी रात को भी आसमान में सूरज चमकता रहता है और लोग रात होने का इंतजार ही करते रह जाते हैं।
हम बात कर रहे हैं नॉर्वे की, जिसे 'लैंड ऑफ मिडनाइट सन' (Land of the Midnight Sun) यानी 'आधी रात के सूरज की भूमि' कहा जाता है। आइए जानते हैं इस अद्भुत खगोलीय घटना के पीछे का विज्ञान और वहां के जीवन का रोमांच।
उत्तरी ध्रुव (North Pole) के बेहद करीब स्थित नॉर्वे में साल के कुछ महीने ऐसे होते हैं जब समय का चक्र रुक सा जाता है। मई से लेकर जुलाई के अंत तक, यानी लगभग 76 दिनों तक, यहां सूरज कभी अस्त नहीं होता।
इन दो महीनों के दौरान यहां अंधेरा कभी अपना पैर नहीं पसार पाता। शाम तो होती है, रोशनी थोड़ी हल्की भी पड़ती है, लेकिन पूरी तरह से रात कभी नहीं आती। जून के महीने में तो स्थिति यह हो जाती है कि रात की सबसे छोटी अवधि मात्र 40 मिनट की होती है, जिसमें भी अंधेरा नहीं बल्कि 'डस्क' (धुंधलापन) जैसी रोशनी रहती है।
इसके पीछे का मुख्य कारण पृथ्वी का अपनी धुरी पर 23.5 डिग्री झुका होना है। गर्मियों के दौरान जब पृथ्वी का उत्तरी ध्रुव सूर्य की ओर झुका होता है, तो आर्कटिक सर्कल (66° से 90° अक्षांश) के भीतर आने वाले हिस्से सूर्य की निरंतर रोशनी में रहते हैं। पृथ्वी अपनी धुरी पर घूमती तो है, लेकिन नॉर्वे जैसी भौगोलिक स्थिति वाले देशों के ऊपर से अंधेरा बिना उसे छुए गुजर जाता है।
अक्सर लोगों के मन में यह सवाल उठता है कि जब रात ही नहीं होती, तो वहां के लोग सोते कब हैं?
नॉर्वे के निवासियों ने इस रोशनी के साथ तालमेल बिठाना सीख लिया है। वे अपनी जैविक घड़ी (Circadian Rhythm) को बनाए रखने के लिए भारी और गहरे रंग के ब्लैकआउट पर्दों (Blackout Curtains) का इस्तेमाल करते हैं, ताकि कमरों में कृत्रिम अंधेरा पैदा किया जा सके। पर्यटक अक्सर इस नजारे को देखने के लिए वहां जाते हैं और आधी रात को सूरज की रोशनी में हाइकिंग या गोल्फ खेलने का लुत्फ उठाते हैं।
प्रकृति का संतुलन देखिए, अगर नॉर्वे को 2 महीने से ज्यादा का निरंतर उजाला मिलता है, तो उसे इसकी कीमत भी चुकानी पड़ती है। मई-जुलाई की उस चमचमाती रोशनी के ठीक विपरीत, नवंबर से जनवरी तक की स्थिति बेहद डरावनी होती है।
इन तीन महीनों के दौरान नॉर्वे में 'पोलर नाइट्स' (Polar Nights) का दौर चलता है। इस अवधि में सूरज क्षितिज (Horizon) से ऊपर आता ही नहीं है। पूरा देश तीन महीने तक घने अंधेरे में डूबा रहता है। तापमान शून्य से कई डिग्री नीचे चला जाता है और लोग केवल कृत्रिम रोशनी के सहारे अपना जीवन बिताते हैं।
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हालांकि 'मिडनाइट सन' की घटना नॉर्वे में सबसे लंबे समय तक (पूरे दो महीने) देखी जाती है, लेकिन यह एकमात्र ऐसा स्थान नहीं है। आर्कटिक सर्कल के पास स्थित अन्य क्षेत्रों में भी इसके अनुभव किए जा सकते हैं:
नॉर्वे की यह भौगोलिक स्थिति हमें याद दिलाती है कि प्रकृति के नियम कितने विस्मयकारी हो सकते हैं। जहां एक ओर लगातार उजाला पर्यटन और ऊर्जा का स्रोत बनता है, वहीं तीन महीने का अंधेरा वहां के लोगों के धैर्य की परीक्षा लेता है। अगर आप भी आधी रात को सूरज देखने का शौक रखते हैं, तो मई और जुलाई के बीच नॉर्वे की यात्रा आपके लिए एक अविस्मरणीय अनुभव हो सकती है।