
डिजिटल डेस्क। पड़ोसी देश पाकिस्तान की राजधानी इस्लामाबाद में प्रतिबंधित आतंकी गुट 'लश्कर-ए-तैयबा' का एक शीर्ष कमांडर संदिग्ध परिस्थितियों में ढेर हो गया। मृतक कमांडर की शिनाख्त कारी सईद अब्दुल अजीज के रूप में हुई है।
जानकारी के मुताबिक, कुबा मस्जिद में नमाज अदा करने से ठीक पहले उसने एक स्थानीय रेस्टोरेंट में भोजन किया था, जिसके कुछ ही देर बाद वह मस्जिद के प्रवेश द्वार पर अचानक गश खाकर गिर पड़ा और उसकी जान चली गई। हालांकि, उसकी मौत के सटीक कारणों का अब तक पता नहीं चल सका है। कारी सईद संगठन के उस विंग का प्रमुख था, जो जम्मू-कश्मीर में सुरक्षा बलों के हाथों मारे गए आतंकियों के परिजनों को वित्तीय और अन्य सहायता मुहैया कराता था।
लश्कर कमांडर की यह अचानक मौत ऐसे मोड़ पर हुई है, जब खुद संगठन के भीतर से अज्ञात हमलावरों के डर को लेकर बयान सामने आ रहे हैं। हाल ही में लश्कर के एक वरिष्ठ ऑपरेटिव रिजवान हनीफ ने दावा किया था कि पाकिस्तान की सीमा के भीतर अज्ञात बंदूकधारियों ने उनके कम से कम 30 साथियों को मौत के घाट उतार दिया है।
एक सोशल मीडिया वीडियो में रिजवान को यह स्वीकार करते हुए देखा जा सकता है कि वर्ष 2008 के मुंबई आतंकी हमलों (26/11) में शामिल लश्कर के कई मुख्य कारिंदे पिछले तीन-चार वर्षों के दौरान पाकिस्तान और पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर (PoK) के विभिन्न हिस्सों में रहस्यमयी तरीके से मारे गए हैं।
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पेशावर, कराची, रावलपिंडी, रावालाकोट और मुजफ्फराबाद जैसे प्रमुख इलाकों में अज्ञात लोगों की गोलियों का शिकार बने अपने 30 से अधिक आतंकियों का सच लश्कर ने पहली बार सार्वजनिक मंच पर कबूला है।
गौरतलब है कि अंतरराष्ट्रीय आतंकी नेटवर्क अल-कायदा और तालिबान से नजदीकी संबंधों के चलते संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद (UNSC) ने वर्ष 2005 में ही लश्कर-ए-तैयबा पर कड़े वैश्विक प्रतिबंध लागू कर दिए थे।