• Jagran.com
  • Jagran Josh
  • Her Zindagi
  • Onlymyhealth
  • Jagran TV
  • Vishvas News
  • Inextlive
  • मेरी खबरें
  • user
मेरी खबरेंuser
  • होम
  • ताजा खबरें
  • मध्यप्रदेश
  • छत्तीसगढ़
  • उत्तर प्रदेश
  • देश
  • धर्म
  • मनोरंजन
  • राशिफल
  • लाइफस्टाइल
  • अन्य
    • बिज़नेस
    • बड़ी खबरें
    • खेल
    • विदेश
    • करियर
    • टॉपिक्स
    • टेक्नोलॉजी
    • कोरोना वायरस
    • शिक्षा
  • राज्य चुनें
  • ई-पेपर
  • राशिफल
  • राज्य चुनें
  • ई-पेपर
  • फटाफट
  • राशिफल
  • वेब स्टोरीज
नईदुनिया ट्रेंडिंग
  • त्विषा शर्मा केस
  • भोजशाला पर फैसला
  • एलपीजी संकट
  • गर्मी का मौसम
  • मध्‍य प्रदेश की खबरें
  • वास्‍तु शास्‍त्र
  • स्वच्छ जल
  • होम
  • विदेश

जानलेवा हुई गर्मी... फ्रांस में हीटवेव ने ली 1,000 से अधिक लोगों की जान, बुजुर्ग सबसे ज्यादा प्रभावित

इस जानलेवा मौसम का सबसे बुरा असर फ्रांस में देखने को मिला है, जहां स्वास्थ्य अधिकारियों ने रविवार को बेहद चौंकाने वाले आंकड़े जारी किए हैं।

By Digital DeskEdited By: Dheeraj Belwal
Publish Date: Sun, 28 Jun 2026 02:59:00 PM (IST)Updated Date: Sun, 28 Jun 2026 02:59:00 PM (IST)
जानलेवा हुई गर्मी... फ्रांस में हीटवेव ने ली 1,000 से अधिक लोगों की जान, बुजुर्ग सबसे ज्यादा प्रभावित
मरने वालों में 85 फीसदी लोग 65 साल से अधिक उम्र के।

HighLights

  1. घरों में अकेले रहने वाले बुजुर्ग बने भीषण गर्मी का शिकार
  2. मरने वालों में 85 फीसदी लोग 65 साल से अधिक उम्र के
  3. रविवार को मिली हल्की राहत लेकिन मौतों का आंकड़ा बढ़ा

डिजिटल डेस्क। पश्चिमी यूरोप इन दिनों रिकॉर्ड तोड़ गर्मी और भीषण लू (हीटवेव) की चपेट में है। इस जानलेवा मौसम का सबसे बुरा असर फ्रांस में देखने को मिला है, जहां स्वास्थ्य अधिकारियों ने रविवार को बेहद चौंकाने वाले आंकड़े जारी किए हैं। सरकारी रिपोर्ट के मुताबिक, पिछले कुछ दिनों से जारी इस भीषण गर्मी के कारण देश में सामान्य से लगभग 1,000 से अधिक अतिरिक्त मौतें दर्ज की गई हैं।

फ्रांस की राष्ट्रीय स्वास्थ्य एजेंसी, 'पब्लिक हेल्थ फ्रांस' द्वारा जारी आधिकारिक बयान के अनुसार, बीते 24 जून के बाद से देश में मौतों के आंकड़ों में यह अप्रत्याशित उछाल देखा गया है। अधिकारियों का कहना है कि जिन क्षेत्रों को मौसम विभाग ने गर्मी के मद्देनजर 'रेड अलर्ट' पर रखा था, वहां स्थिति सबसे ज्यादा गंभीर रही। इस आपदा में जान गंवाने वालों में सबसे बड़ी संख्या बुजुर्गों की है; मरने वालों में करीब 85 फीसदी लोग 65 वर्ष या उससे अधिक आयु के थे।


घरों में अकेले रह रहे लोग बने आसान शिकार

स्वास्थ्य एजेंसी के विश्लेषण में एक और चिंताजनक बात सामने आई है। इस हीटवेव के दौरान सबसे ज्यादा मौतें अस्पतालों के बजाय लोगों के घरों के भीतर हुई हैं। विशेषकर पेरिस और उसके आस-पास के महानगरीय इलाकों (इले-डी-फ्रांस) में यह समस्या विकराल रूप में देखी गई।

एजेंसी ने इस त्रासदी पर गहरी चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि यह घटना हमें सचेत करती है कि बड़े शहरों में अकेले रह रहे बुजुर्गों और लाचार लोगों को इस मौसम में तत्काल सामाजिक सहयोग और देखभाल की जरूरत है। अकेलेपन के कारण कई लोग समय पर मदद नहीं गुहार सके और इस झुलसाने वाली गर्मी का शिकार हो गए।

यह भी पढ़ें- World Vitiligo Day 2026 : सफेद दाग को लेकर भ्रांतियां छोड़ें, संपर्क में आने, बैठने, भोजन करने या छूने से नहीं फैलता

तापमान 40 डिग्री के पार, रविवार को मिली आंशिक राहत

फ्रांस के कई हिस्सों में पिछले कुछ दिनों से पारा लगातार 40 डिग्री सेल्सियस के ऊपर बना हुआ था, जिसने जनजीवन को पूरी तरह अस्त-व्यस्त कर दिया। हालांकि, रविवार को तापमान में थोड़ी गिरावट दर्ज की गई है, जिससे नागरिकों को कई दिनों बाद भीषण तपिश से मामूली राहत मिली है।

बहरहाल, स्वास्थ्य अधिकारियों ने चेतावनी दी है कि मौतों के ये आंकड़े अभी शुरुआती दौर के हैं। वास्तविक नुकसान और हताहतों की अंतिम संख्या इससे कहीं अधिक हो सकती है, जिसकी पूरी रिपोर्ट आने वाले दिनों में विस्तृत जांच के बाद साफ होगी।