अमेरिका में भारतीय मूल के अनिल कोचर ने दिखाया बड़ा दिल, चुकाया 176 छात्रों का एजुकेशन लोन
इस समारोह में मुख्य वक्ता के रूप में शामिल हुए भारतीय-अमेरिकी परोपकारी अनिल कोचर ने 176 ग्रेजुएट्स को एक ऐसा 'ग्रेजुएशन गिफ्ट' दिया, जिसकी किसी ने कल् ...और पढ़ें
Publish Date: Sun, 10 May 2026 03:58:49 PM (IST)Updated Date: Sun, 10 May 2026 03:58:49 PM (IST)
भारतीय मूल के अनिल कोचर ने नॉर्थ कैरोलिना कॉलेज के छात्रों का स्टूडेंट लोन चुकाया (फोटो: सोशल मीडिया)HighLights
- भारतीय-अमेरिकी परोपकारी ने ग्रेजुएट्स को दिया चौंकाने वाला सरप्राइज
- अनिल कोचर ने पिता की याद में किया करोड़ों के दान का ऐलान
- बोले- 'बिना वित्तीय चिंता के अपने सपनों का पीछा करें छात्र'
डिजिटल डेस्क। अमेरिका के नॉर्थ कैरोलिना स्टेट यूनिवर्सिटी के विल्सन कॉलेज ऑफ टेक्सटाइल्स का दीक्षांत समारोह 8 मई को इतिहास के पन्नों में दर्ज हो गया। इस समारोह में मुख्य वक्ता के रूप में शामिल हुए भारतीय-अमेरिकी परोपकारी अनिल कोचर ने 176 ग्रेजुएट्स को एक ऐसा 'ग्रेजुएशन गिफ्ट' दिया, जिसकी किसी ने कल्पना भी नहीं की थी। कोचर ने घोषणा की कि वे और उनकी पत्नी मर्लिन, शैक्षणिक वर्ष 2025-26 के सभी स्नातक छात्रों का एजुकेशन लोन खुद चुकाएंगे।
पिता की विरासत का किया सम्मान
अनिल कोचर ने यह परोपकारी कदम अपने स्वर्गीय पिता प्रकाश चंद कोचर के सम्मान में उठाया है। प्रकाश चंद कोचर 1946 में भारत के पंजाब से अमेरिका आए थे और इस कॉलेज में दाखिला लेने वाले दूसरे भारतीय छात्र बने थे। कोचर ने भावुक होते हुए कहा, "80 साल पहले मेरे पिता एक उम्मीद के साथ भारत से हजारों मील दूर यहाँ आए थे। उन्होंने कभी नहीं सोचा होगा कि एक दिन उनका बेटा उसी संस्थान के छात्रों को संबोधित करेगा।"
सपनों को उड़ान देने की कोशिश
इस दान का मुख्य उद्देश्य छात्रों को कर्ज के बोझ से मुक्त करना है ताकि वे बिना किसी वित्तीय चिंता के अपने करियर के जोखिम उठा सकें और अपने सपनों को पूरा कर सकें। कोचर ने छात्रों से कहा कि वे डिग्री के साथ-साथ एक बेहतरीन जीवन बनाने की स्वतंत्रता भी अपने साथ लेकर जाएं।
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शिक्षा के प्रति अटूट समर्पण
कोचर परिवार लंबे समय से इस विश्वविद्यालय से जुड़ा है। 1986 में प्रकाश चंद कोचर के निधन के बाद उनकी पत्नी ने स्कॉलरशिप शुरू की थी। अब अनिल कोचर ने इस विरासत को आगे बढ़ाते हुए तीन नए एंडोमेंट (निधि) की भी घोषणा की है, जो फैकल्टी भर्ती, शोध और पोस्ट-ग्रेजुएट छात्रों की सहायता करेंगे। वर्तमान में कॉलेज प्रशासन इस ऐतिहासिक उपहार के कुल मूल्य का आकलन कर रहा है।