ईरान के नए सुप्रीम लीडर को इजराइल की चेतावनी, बोला- नया शीर्ष नेता भी निशाने पर, मीडिल ईस्ट में बढ़ा तनाव
मोजतबा खामेनेई (Mojtaba Khamenei) को ईरान का नया सुप्रीम लीडर बनाए जाने के बाद इजराइल ने कड़ा रुख अपनाया है। ...और पढ़ें
Publish Date: Wed, 04 Mar 2026 02:30:25 PM (IST)Updated Date: Wed, 04 Mar 2026 02:34:18 PM (IST)
HighLights
- इजराइल के रक्षा मंत्री ने साफ चेतावनी दी
- कोई भी नया शीर्ष नेता निशाने पर होगा
- सुरक्षित निकासी की कोशिशें तेज
डिजिटल डेस्क। मोजतबा खामेनेई (Mojtaba Khamenei) को ईरान का नया सुप्रीम लीडर बनाए जाने के बाद इजराइल ने कड़ा रुख अपनाया है। इजराइल के रक्षा मंत्री इजराइल कैट्ज (Israel Katz) ने साफ चेतावनी दी है कि ईरान का कोई भी नया शीर्ष नेता इजराइल के निशाने पर होगा।
यह घटनाक्रम ईरान के सुप्रीम लीडर रहे अयातुल्ला अली खामेनेई (Ayatollah Ali Khamenei) की मौत के बाद उनके बेटे मोजतबा खामेनेई को शीर्ष नेता बनाए जाने के बाद सामने आया है। खामेनेई की हालिया सैन्य हमले में मृत्यु होने की खबर है।
इजराइल की सख्त चेतावनी
रक्षा मंत्री इजराइल कैट्ज ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स (X) पर पोस्ट करते हुए कहा कि ईरानी शासन द्वारा इजराइल, संयुक्त राज्य अमेरिका और आजाद दुनिया के खिलाफ किसी भी आक्रामक नीति को आगे बढ़ाने वाला हर नेता खत्म किए जाने का लक्ष्य होगा। उन्होंने अपने संदेश में लिखा कि ईरान के नेतृत्व में बदलाव से इजराइल की नीति में कोई नरमी नहीं आएगी।
असेंबली ऑफ एक्सपर्ट्स से जुड़े परिसर पर हमला
इजराइल ने ईरान की उस संस्था से जुड़े एक भवन को भी निशाना बनाया, जो देश के सुप्रीम लीडर के चयन के लिए जिम्मेदार है। यह संस्था Assembly of Experts के नाम से जानी जाती है।
रिपोर्ट्स के अनुसार, यह हमला उस सैन्य अभियान का हिस्सा था जो शनिवार को शुरू हुआ। हालांकि, ईरानी सरकारी मीडिया का दावा है कि हमले से पहले इमारत को खाली करा लिया गया था।
अमेरिकी प्रतिक्रिया और ट्रंप का बयान
इस बीच, अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप (Donald Trump) ने पुष्टि की है कि हालिया सैन्य हमलों में ईरानी नेताओं के एक अन्य समूह को भी निशाना बनाया गया। क्षेत्र में बढ़ते तनाव को देखते हुए अमेरिका ने मध्य पूर्व के तीन देशों में अपने दूतावास अस्थायी रूप से बंद कर दिए हैं और राजनयिक स्टाफ की संख्या घटाई है। साथ ही, अमेरिकी नागरिकों से क्षेत्र छोड़ने की अपील की गई है।
सुरक्षित निकासी की कोशिशें तेज
यूनाइटेड अरब अमीरात (United Arab Emirates) ने फंसे हुए नागरिकों को निकालने के लिए पड़ोसी देशों के सहयोग से सुरक्षित एयर कॉरिडोर खोलने की घोषणा की है। जानकारी के मुताबिक, 1,500 से अधिक अमेरिकी नागरिकों ने क्षेत्र से बाहर निकलने के लिए मदद की मांग की है।
इसके लिए सैन्य विमानों और चार्टर फ्लाइट्स की व्यवस्था की जा रही है। इजराइल में अमेरिकी राजदूत माइक हकाबी (Mike Huckabee) ने स्पष्ट किया है कि दूतावास जमीनी स्तर पर निकासी सहायता प्रदान करने में सक्षम नहीं है।
पहले से नहीं था निकासी प्लान
डोनाल्ड ट्रंप ने स्वीकार किया कि हमलों से पहले मध्य पूर्व में अमेरिकी नागरिकों की औपचारिक निकासी की कोई पूर्व-तैयार योजना नहीं थी। इससे चल रहे सैन्य अभियानों के बीच नागरिकों को सुरक्षित निकालना एक बड़ी लॉजिस्टिक चुनौती बन गया है।
मौजूदा घटनाक्रम ने मध्य पूर्व में अस्थिरता और बढ़ा दी है। अमेरिका, इजराइल और ईरान के बीच बढ़ती दुश्मनी के कारण विदेशी नागरिकों के सामने सुरक्षा संबंधी जोखिम भी बढ़ गए हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि आने वाले दिनों में हालात और संवेदनशील हो सकते हैं, जिससे पूरे क्षेत्र की भू-राजनीतिक स्थिति पर असर पड़ सकता है।