भारत बनाम चीन... कहां सस्ती है रसोई गैस, 1 अप्रैल से क्या बदला और क्यों बढ़ रहे दाम?
आज 1 अप्रैल 2026 है और इसके साथ ही नए वित्त वर्ष 2026-27 का आगाज हो गया है। हर महीने की पहली तारीख की तरह आज भी तेल कंपनियों ने एलपीजी (LPG) सिलिंडर क ...और पढ़ें
Publish Date: Wed, 01 Apr 2026 03:18:14 PM (IST)Updated Date: Wed, 01 Apr 2026 03:18:14 PM (IST)
LPG Price Hike: भारत बनाम चीन... कहां सस्ती है रसोई गैस?HighLights
- 1 अप्रैल से दिल्ली में कमर्शियल एलपीजी सिलिंडर ₹2,078.50 का हुआ
- घरेलू गैस की कीमतें ₹913 पर स्थिर; चीन में भाव ₹2,161 के पार
- ईरान-इजरायल तनाव और सप्लाई बाधित होने से वैश्विक स्तर पर बढ़ी कीमतें
डिजिटल डेस्क। आज 1 अप्रैल 2026 है और इसके साथ ही नए वित्त वर्ष 2026-27 का आगाज हो गया है। हर महीने की पहली तारीख की तरह आज भी तेल कंपनियों ने एलपीजी (LPG) सिलिंडर के दामों की समीक्षा की है। इस बार कमर्शियल सिलिंडर के इस्तेमाल वालों को झटका लगा है, जबकि घरेलू उपभोक्ताओं को फिलहाल राहत मिली है।
कमर्शियल सिलिंडर ₹2,078 के पार
दिल्ली में आज से 19 किलो वाले कमर्शियल एलपीजी सिलिंडर के दाम में 195.50 रुपये की भारी बढ़ोतरी की गई है। अब इसकी नई कीमत 2,078.50 रुपये हो गई है, यानी कमर्शियल गैस का भाव 109.39 रुपये प्रति किलो पड़ा। राहत की बात यह है कि 14.2 किलो वाले घरेलू सिलिंडर के दाम में कोई बदलाव नहीं हुआ है। दिल्ली में यह 913 रुपये पर स्थिर है, जिसका प्रति किलो भाव 64.29 रुपये बैठता है।
भारत से ढाई गुना ज्यादा है कीमत
अक्सर चर्चा होती है कि पड़ोसी देशों में गैस के दाम क्या हैं। हाल ही में वायरल हुए एक वीडियो और बाजार के आंकड़ों के अनुसार, चीन में रसोई गैस भारत के मुकाबले काफी महंगी है...
- सिलिंडर का वजन: चीन में घरेलू इस्तेमाल के लिए 12.5 किलो का सिलिंडर उपयोग होता है।
- कीमत: वहां एक सिलिंडर की कीमत लगभग 160 युआन है, जो भारतीय मुद्रा में करीब 2,161.5 रुपये बैठती है।
- तुलना: इस हिसाब से चीन में गैस का भाव 172.92 रुपये प्रति किलो है। यदि दिल्ली के घरेलू गैस रेट (64.29 रुपये/किलो) से तुलना करें, तो चीन में गैस ढाई गुना से भी अधिक महंगी है।
क्यों उबल रही है गैस की कीमतें?
एलपीजी की कीमतों में इस अस्थिरता का मुख्य कारण वैश्विक भू-राजनीतिक संकट (Geopolitical Crisis) है...
- मध्य पूर्व संकट: ईरान और इजरायल के बीच बढ़ते तनाव के कारण स्ट्रेट ऑफ होर्मुज (Strait of Hormuz) में सप्लाई बाधित हुई है।
- सप्लाई चेन में दिक्कत: होर्मुज जलडमरूमध्य बंद होने से कच्चे तेल और गैस की वैश्विक सप्लाई चेन संकट में है।
- भारत पर असर: भारत अपनी ऊर्जा जरूरतों के लिए बड़े पैमाने पर आयात पर निर्भर है। पश्चिम एशिया में अनिश्चितता के कारण तेल और गैस मार्केट में दबाव बना हुआ है, जिसका सीधा असर कमर्शियल गैस की कीमतों पर दिख रहा है।
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