स्पेनिश विजेता नहीं, अमेरिका है घोड़ों का असली घर! नई रिसर्च ने सालों पुरानी कहानी को पलटा
सालों से एक बात मानी जा रही है कि घोड़े यूरोप से अमेरिका लाए गए थे। उन्हें स्पेनिश विजेताओं ने अमेरिका पहुंचाया और वहां के मूल निवासियों को एक ऐसे जीव ...और पढ़ें
Publish Date: Sat, 20 Jun 2026 05:40:47 PM (IST)Updated Date: Sat, 20 Jun 2026 05:40:47 PM (IST)
चीनी घोड़ा, अमेरिका और यूरोप तक कैसे पहुंचा? (प्रतीकात्मक फोटो)HighLights
- रहस्यमयी 'डालियन घोड़ा' था जेनेटिक कड़ी
- चीन के एक जीव ने तय किया आधुनिक घोड़ों का भविष्य
- घोड़ों ने तय किया 50,000 साल का सफर
डिजिटल डेस्क, बीजिंग। एक नई फॉसिल DNA स्टडी ने घोड़ों के विकासवादी इतिहास से जुड़ी पुरानी मान्यताओं को पूरी तरह बदल दिया है। इस शोध से पता चला है कि उत्तर-पूर्वी चीन का विलुप्त हो चुका 'डालियन घोड़ा' (Dalian horse) वास्तव में उत्तरी अमेरिका और यूरेशिया के बीच एक महत्वपूर्ण जेनेटिक कड़ी के रूप में काम करता था।
उत्तरी अमेरिका है घोड़ों का असली घर
सालों से यह माना जाता रहा है कि स्पेनिश विजेता पहली बार घोड़ों को यूरोप से अमेरिका लेकर आए थे, जिससे वहां के मूल निवासी हैरान रह गए थे। हालांकि, हालिया जीनोमिक रिसर्च ने इस कहानी को पलट दिया है। सच यह है कि घोड़ों की उत्पत्ति लाखों साल पहले उत्तरी अमेरिका में हुई थी। 'इक्वस' (Equus) जीनस, जो आज के घोड़ों, गधों और जेबरा का एकमात्र जीवित वंश है, करीब 4 से 5 मिलियन साल पहले उत्तरी अमेरिका में ही सामने आया था।
चीन के रास्ते तय किया सफर
फॉसिल रिकॉर्ड्स के अनुसार, करीब 2.6 मिलियन साल पहले ये घोड़े 'बेरिंग लैंड ब्रिज' के जरिए उत्तरी अमेरिका से यूरेशिया में फैले। 'स्टेट की लेबोरेटरी ऑफ जियोमाइक्रोबायोलॉजी एंड एनवायर्नमेंटल चेंजेज' के शोधकर्ताओं के मुताबिक, डालियन घोड़े में अमेरिका से जुड़ी खास जेनेटिक खूबियां थीं, जिन्हें उसने साइबेरिया की प्राचीन आबादी तक पहुँचाया। इसी जीन प्रवाह (gene flow) के कारण आधुनिक यूरोपीय घोड़ों को अपनी अमेरिकी जड़ें मिलीं।
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क्यों विलुप्त हुआ डालियन घोड़ा?
यह घोड़ा खास तरह की सूखी घास खाता था। करीब 40,000 साल पहले जब जलवायु बदली और नमी बढ़ी, तो सूखे मैदानों की जगह दलदली और गीली जमीन (वेट-लैंड) ने ले ली। अपने विशाल शरीर और पर्यावरण के अनुकूल न ढल पाने की सीमित क्षमता (इकोलॉजिकल प्लास्टिसिटी) के कारण अच्छी क्वालिटी का चारा खत्म होते ही यह जीव विलुप्त हो गया।