
डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। पाक अधिकृत कश्मीर (PoK) की जमीनी हकीकत उजागर करने पर पाकिस्तान सरकार बौखला गई है। कतर आधारित अंतरराष्ट्रीय समाचार संस्थान 'अल जजीरा' द्वारा गुलाम कश्मीर में सरकार विरोधी प्रदर्शनों और हालिया चुनावी गतिविधियों की निष्पक्ष रिपोर्टिंग के बाद देश में उसकी आधिकारिक वेबसाइट की पहुंच (Access) को बाधित कर दिया गया है।
पाकिस्तान भर में बड़ी संख्या में इंटरनेट उपयोगकर्ताओं (Users) ने सोशल मीडिया पर इस बात की पुष्टि की है कि वे अल जजीरा की वेबसाइट को खोल नहीं पा रहे हैं।
शहबाज शरीफ के नेतृत्व वाली पाकिस्तान सरकार की ओर से यद्यपि अब तक इस डिजिटल प्रतिबंध (Digital Ban) को लेकर कोई आधिकारिक लिखित घोषणा जारी नहीं की गई है, परंतु सोशल मीडिया पर नागरिकों की आ रही शिकायतों से स्पष्ट है कि वेबसाइट को ब्लॉक कर दिया गया है। दूसरी ओर, इस पूरे मामले पर पाकिस्तान के सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय ने अल जजीरा के कवरेज पर तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए उस पर चुनावी प्रक्रिया की गलत तस्वीर पेश करने का आरोप लगाया है।
पाक सूचना मंत्रालय ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'X' (पूर्व में ट्विटर) पर एक आधिकारिक बयान जारी कर कहा, "हमने मुजफ्फराबाद के कुछ चुनिंदा मतदान केंद्रों से अल जजीरा की पक्षपातपूर्ण रिपोर्टिंग का संज्ञान लिया है।" बयान में आगे आरोप लगाया गया कि मीडिया संस्थान ने एक निश्चित रणनीति के तहत खास लोगों के बयानों को ढाल बनाकर आजाद जम्मू और कश्मीर (AJK) में जारी चुनावी प्रक्रिया की साख बिगाड़ने का प्रयास किया है।
पाकिस्तान सरकार ने अल जजीरा पर सनसनीखेज और भ्रामक पत्रकारिता (येलो जर्नलिज्म) का आरोप लगाते हुए कहा कि इस तरह का कवरेज केवल उन बाहरी तत्वों के हित साधता है जो मुजफ्फराबाद के निवासियों की लोकतांत्रिक इच्छा को खारिज करना चाहते हैं।
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हालांकि, स्थानीय विश्लेषकों का मानना है कि PoK में जनता के आक्रोश और सरकारी नीतियों के खिलाफ उठ रही आवाजों को दबाने और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनी किरकिरी से बचने के लिए पाकिस्तान ने यह दमनकारी कदम उठाया है।