सिंधु जल समझौते पर पाकिस्तान की फिर धमकी, मंत्री बोले- 'हमारे हिस्से के पानी को छुआ तो हाथ काट देंगे'
पाकिस्तान के जलवायु परिवर्तन मंत्री मुसादिक मलिक ने भारत को लेकर विवादित बयान दिया है। उनका एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है।
Publish Date: Tue, 30 Jun 2026 12:22:02 PM (IST)Updated Date: Tue, 30 Jun 2026 12:32:55 PM (IST)
पाकिस्तान के जलवायु परिवर्तन मंत्री मुसादिक मलिक ने भारत को लेकर विवादित बयान दिया।HighLights
- वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से हो रहा वायरल
- मुसादिक ने कहा, पाक अपना रुख स्पष्ट कर चुका है
- पहलगाम हमले के बाद भारत ने उठाए थे कड़े कदम
डिजिटल डेस्क, इस्लामाबाद। जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में 22 अप्रैल 2025 को हुए आतंकी हमले के बाद भारत द्वारा सिंधु जल समझौते को स्थगित किए जाने का असर अब भी पाकिस्तान में राजनीतिक बहस का विषय बना हुआ है।
इस बीच पाकिस्तान के जलवायु परिवर्तन मंत्री मुसादिक मलिक ने भारत को लेकर विवादित बयान दिया है। उनका एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है।
ARY न्यूज पर दिया विवादित बयान
पाकिस्तानी न्यूज चैनल ARY से बातचीत के दौरान मुसादिक मलिक ने कहा कि पाकिस्तान पहले ही अपना रुख स्पष्ट कर चुका है। उन्होंने कहा, जो भी पाकिस्तान के हिस्से के पानी को छुएगा, उसके हाथ काट दिए जाएंगे। इस बयान के बाद दोनों देशों के बीच जल विवाद एक बार फिर चर्चा में आ गया है।
सूचना मंत्री ने भी भारत पर साधा निशाना
उधर, पाकिस्तान के सूचना मंत्री अताउल्लाह तरार ने भी सिंधु जल समझौते को लेकर भारत पर अप्रत्यक्ष हमला बोला। पाकिस्तानी अखबार डॉन के अनुसार, उन्होंने कहा कि पड़ोसी देश का नेतृत्व यह कह रहा है कि पाकिस्तान को पानी की एक बूंद भी नहीं दी जाएगी। साथ ही उन्होंने दावा किया कि सिंधु जल समझौते को कोई भी पक्ष एकतरफा समाप्त या निरस्त नहीं कर सकता।
पहलगाम हमले के बाद भारत ने उठाए थे कड़े कदम
22 अप्रैल 2025 को पहलगाम में हुए आतंकी हमले के बाद भारत सरकार ने पाकिस्तान के खिलाफ कई सख्त फैसले लिए थे। इन्हीं में सिंधु जल समझौते को स्थगित करने का निर्णय भी शामिल था। भारत ने स्पष्ट किया था कि सीमा पार आतंकवाद जारी रहने की स्थिति में सामान्य द्विपक्षीय संबंध संभव नहीं हैं।
भारत का स्पष्ट संदेश
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने पहलगाम हमले के बाद कहा था कि आतंकवाद और बातचीत साथ-साथ नहीं चल सकते, और खून तथा पानी एक साथ नहीं बह सकते। इसे भारत की आतंकवाद के प्रति 'जीरो टॉलरेंस' नीति का स्पष्ट संकेत माना गया।
वहीं, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने भी हाल में कहा था कि सिंधु जल समझौते को स्थगित करने का फैसला आतंकवाद के खिलाफ भारत की दृढ़ नीति का हिस्सा है। उन्होंने कहा कि भारत यह सुनिश्चित करेगा कि सिंधु नदी का पानी उन लोगों तक न पहुंचे जो आतंकवाद को समर्थन देते हैं।
क्या है सिंधु जल समझौता?
सिंधु जल समझौता वर्ष 1960 में भारत और पाकिस्तान के बीच विश्व बैंक की मध्यस्थता में हुआ था। इस समझौते के तहत सिंधु नदी प्रणाली की छह नदियों के जल बंटवारे का ढांचा तय किया गया था। पहलगाम आतंकी हमले के बाद भारत ने इस समझौते को स्थगित करने का फैसला लिया, जिसके बाद से पाकिस्तान लगातार इस मुद्दे पर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनी आपत्ति दर्ज करा रहा है।