

डिजिटल डेस्क। नॉर्वे के अति-संवेदनशील और सुदूर उत्तरी क्षेत्र स्वालबार्ड में एक जंगली पोलर बियर के साथ छेड़छाड़ करना एक पोत चालक को भारी पड़ गया। स्वालबार्ड प्रशासन ने समुद्री जहाज का फॉगहॉर्न बजाकर सो रहे पोलर बियर को डराने और जगाने के जुर्म में उस व्यक्ति पर 50,000 नॉर्वेजियन क्रोनर (लगभग 4.5 से 5 लाख भारतीय रुपये) का आर्थिक दंड लगाया है। यह मामला उत्तरी ध्रुव से तकरीबन 620 मील दूर स्थित स्वालबार्ड द्वीप समूह के तटीय क्षेत्र का है।
घटना की विस्तृत जानकारी के अनुसार, एक जलपोत स्थानीय फ्योर्ड (समुद्री खाड़ी) से गुजर रहा था। तभी जहाज पर मौजूद यात्रियों की नजर तट पर आराम कर रहे एक पोलर बियर पर पड़ी। जानवर में किसी भी तरह की हलचल देखने और उत्सुकता के चक्कर में जहाज पर सवार एक व्यक्ति ने जानबूझकर तेज आवाज वाला फॉगहॉर्न बजा दिया। अचानक हुए इस भीषण शोर से सो रहा पोलर बियर बुरी तरह घबरा गया। वह हड़बड़ाकर उठा और अपनी जगह छोड़कर दूर भाग गया।
इस वाकये के संज्ञान में आते ही स्थानीय प्रशासन तुरंत हरकत में आया। स्वालबार्ड के गवर्नर लार्स फॉज (Lars Fause) ने मामले की गंभीरता को देखते हुए कानूनी कार्रवाई के आदेश दिए। गवर्नर फॉज ने अपने बयान में पुष्टि की कि जहाज के किनारे से गुजरते समय यात्रियों ने सो रहे भालू को देखा और फिर उसे डिस्टर्ब करने के लिए फॉगहॉर्न का इस्तेमाल किया गया, जिससे वह डरकर वहां से भागने को मजबूर हुआ।
आरोपी व्यक्ति ने कानून के उल्लंघन की बात कबूल कर ली है और वह जुर्माना भरने के लिए तैयार हो गया है। हालांकि प्रशासन ने गोपनीयता बनाए रखते हुए आरोपी का नाम व देश उजागर नहीं किया है। प्रशासन ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि स्वालबार्ड में 1972 से ही पोलर बियर पूरी तरह से संरक्षित प्रजाति हैं। ऐसे में वन्यजीवों को किसी भी तरह से नुकसान या मानसिक तनाव पहुंचाने पर भारी कानूनी और वित्तीय कार्रवाई का सामना करना पड़ेगा।
यह भी पढ़ें- दुनिया में सुपर ‘अल नीनो’ का खतरा, प्रशांत महासागर में बढ़ा तापमान, भारत में देरी से दिखेगा असर