इंसान बनाम रोबोट: एक ही ट्रैक पर मुकाबला
इस अनोखी दौड़ में 100 से ज्यादा ह्यूमनॉइड रोबोट्स ने करीब 12,000 मानव धावकों के साथ 21.1 किलोमीटर की हाफ मैराथन में हिस्सा लिया। हालांकि सुरक्षा के लिए दोनों के बीच बैरियर लगाए गए थे, लेकिन मुकाबला एक ही ट्रैक पर हुआ, जो अपने आप में ऐतिहासिक था।
‘Lightning’ रोबोट ने किया कमाल
चीन की टेक कंपनी Honor द्वारा बनाए गए ‘Lightning’ नाम के रोबोट ने सभी को चौंका दिया।
समय: 50 मिनट 26 सेकेंड
यह समय मानव विश्व रिकॉर्ड (57:20) से करीब 7 मिनट तेज है
यानी पहली बार मशीन ने इस स्तर पर इंसानों को पीछे छोड़ दिया।
टॉप-3 पर एक ही कंपनी का कब्जा
इस रेस में Honor की टीमों का दबदबा रहा-
दूसरा स्थान: लगभग 51 मिनट
तीसरा स्थान: करीब 53 मिनट
तीनों पोजिशन पर एक ही कंपनी के रोबोट रहे, जो उनकी तकनीकी बढ़त को दिखाता है।
कैसे संभव हुआ इतना तेज प्रदर्शन?
इन रोबोट्स में कई एडवांस टेक्नोलॉजी का इस्तेमाल हुआ-
लिक्विड कूलिंग सिस्टम (स्मार्टफोन जैसी तकनीक)
ऑन-बोर्ड सेंसर और AI नेविगेशन
करीब 40% रोबोट पूरी तरह ऑटोमेटेड थे
पिछले साल जहां रोबोट को रेस पूरी करने में 2 घंटे 40 मिनट लगते थे, वहीं इस साल नतीजे चौंकाने वाले रहे।
क्या है इसका मतलब?
यह सिर्फ एक रेस नहीं, बल्कि एक संकेत है-
AI और रोबोटिक्स तेजी से इंसानों के बराबर या आगे बढ़ रहे हैं
भविष्य में ऑटोमेशन और मशीनों की भूमिका और बढ़ेगी
युवाओं में टेक और रोबोटिक्स के प्रति रुचि तेजी से बढ़ रही है
एक्सपर्ट क्या कहते हैं?
बीजिंग यूनिवर्सिटी के छात्र चू तियानकी के मुताबिक, “जिस तरह से ये रोबोट दौड़े, वह बेहद प्रभावशाली था। AI इतनी तेजी से इस स्तर तक पहुंच जाएगा, यह सोचना भी मुश्किल था।”
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