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पुतिन ने भारत के पूर्व CJI डीवाई चंद्रचूड़ को बनाया अपना मध्यस्थ, रूस-यूक्रेन के बीच अरबों डॉलर के विवाद को सुलझाने की मिली जिम्मेदारी

रूस ने यूक्रेन के सरकारी बैंक ओशचाडबैंक (Oschadbank) द्वारा दायर एक बड़े निवेश संधि विवाद में भारत के पूर्व मुख्य न्यायाधीश (CJI) डीवाई चंद्रचूड़ को अ...और पढ़ें

By Digital DeskEdited By: Mohan Kumar
Publish Date: Wed, 12 Aug 2026 04:33:00 PM (IST)Updated Date: Wed, 12 Aug 2026 04:33:00 PM (IST)
पुतिन ने भारत के पूर्व CJI डीवाई चंद्रचूड़ को बनाया अपना मध्यस्थ, रूस-यूक्रेन के बीच अरबों डॉलर के विवाद को सुलझाने की मिली जिम्मेदारी
भारत के पूर्व मुख्य न्यायाधीश डीवाई चंद्रचूड़(फाइल फोटो)

HighLights

  1. पुतिन ने पूर्व CJI डीवाई चंद्रचूड़ को दी बड़ी जिम्मेदारी
  2. रूस ने पूर्व CJI डीवाई चंद्रचूड़ को बनाया अपना आर्बिट्रेटर
  3. रूस का यूक्रेन के सरकारी बैंक से चल रहा अरबों डॉलर का विवाद

डिजिटल डेस्क, मॉस्को। रूस ने यूक्रेन के सरकारी बैंक ओशचाडबैंक (Oschadbank) द्वारा दायर एक बड़े निवेश संधि विवाद में भारत के पूर्व मुख्य न्यायाधीश (CJI) डीवाई चंद्रचूड़ को अपना मध्यस्थ नियुक्त किया है। ग्लोबल आर्बिट्रेशन रिव्यू के अनुसार, यह कार्यवाही 1998 की रूस-यूक्रेन द्विपक्षीय निवेश संधि के तहत तीन सदस्यीय ट्रिब्यूनल द्वारा संचालित की जा रही है।

ट्रिब्यूनल की अध्यक्षता दोनों पक्षों की सहमति से कोस्टा रिका की पूर्व व्यापार मंत्री डियाला जिमेनेज कर रही हैं। वहीं, ओशचाडबैंक ने ग्रीक मध्यस्थ प्रो. स्टावरोस ब्रेकोलाकिस को और रूस ने जस्टिस चंद्रचूड़ को अपना मध्यस्थ चुना है।

क्या है विवाद का मुख्य कारण?

यूक्रेनी बैंक ओशचाडबैंक का दावा है कि 2022 में रूस के सैन्य आक्रमण के बाद डोनेत्स्क, लुहांस्क, खेरसॉन और जापोरिज्जिया में उसकी व्यावसायिक संपत्तियों और संचालन को भारी नुकसान पहुंचा है। यह दावा करोड़ों डॉलर का माना जा रहा है।


जुलाई 2025 में बैंक द्वारा भेजे गए नोटिस का जवाब न मिलने पर यह मध्यस्थता प्रक्रिया शुरू की गई। यह मामला 2014 के क्रीमिया विवाद से पूरी तरह अलग है, जिसमें ट्रिब्यूनल ने रूस को ओशचाडबैंक को 1.1 अरब डॉलर का मुआवजा देने का आदेश दिया था।

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जस्टिस चंद्रचूड़ के रुख में बदलाव

जस्टिस चंद्रचूड़ की यह नियुक्ति उनके पिछले फैसलों से एक बड़ा बदलाव मानी जा रही है। इससे पहले वे विंटरशॉल डी और उक्रेनर्गो से जुड़े मामलों में रूस का मध्यस्थ बनने का प्रस्ताव ठुकरा चुके थे।

इस केस में ओशचाडबैंक की कानूनी टीम का नेतृत्व 'क्विन एमानुएल' और 'एस्टर्स' फर्म्स कर रही हैं, जबकि रूस का प्रतिनिधित्व 'पिन्ना गोल्डबर्ग' के वकील कर रहे हैं। यह मामला युद्ध प्रभावित क्षेत्रों में विदेशी परिसंपत्तियों के कानूनी अधिकारों से जुड़ा एक महत्वपूर्ण घटनाक्रम है।