
डिजिटल डेस्क। कल्पना कीजिए एक ऐसे समाज की, जहां न तो आने वाले कल की चिंता है, न ही बीते हुए कल का कोई हिसाब। एक ऐसा गांव जहां का हर बाशिंदा अपनी पहचान, अपना नाम और यहां तक कि अपने घर का रास्ता भी भूल चुका है, लेकिन फिर भी वहां के चेहरों पर सुकून की एक अनोखी मुस्कान है। यह कोई काल्पनिक फिल्म की पटकथा नहीं, बल्कि दक्षिण-पश्चिम फ्रांस के 'लांडैस' (Landais) गांव की हकीकत है।
लांडैस महज एक गांव नहीं, बल्कि चिकित्सा विज्ञान का एक अद्भुत प्रयोग है। यहां रहने वाला हर व्यक्ति डिमेंशिया (Dementia) या अल्जाइमर जैसी गंभीर बीमारियों से जूझ रहा है। चिकित्सा जगत में माना जाता है कि डिमेंशिया के मरीजों के लिए सबसे बड़ी चुनौती 'चीजों को याद रखने का दबाव' है। इसी दबाव को शून्य करने के लिए बोर्डो यूनिवर्सिटी के शोधकर्ताओं ने इस विशेष गांव की नींव रखी। वैज्ञानिक यह देखना चाहते थे कि क्या एक सुरक्षित और तनावमुक्त माहौल डिमेंशिया के लक्षणों को कम कर सकता है?

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इस गांव की कार्यप्रणाली किसी को भी हैरान कर सकती है। यहां के मध्य में एक सामान्य सी दिखने वाली दुकान है, जहां जरूरत का हर सामान मौजूद है। लेकिन यहां की सबसे खास बात यह है कि यहां कोई 'कैश काउंटर' नहीं है। ग्रामीण दुकान पर जाते हैं, अपनी पसंद का सामान उठाते हैं और बिना पैसे दिए मुस्कुराते हुए बाहर निकल जाते हैं। यहां पैसे का कोई अस्तित्व नहीं है, ताकि मरीजों को हिसाब-किताब रखने या बटुआ खोने का मानसिक तनाव न हो।
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लांडैस में जीवन बेहद सरल और व्यवस्थित है। यहां 40 साल के युवा से लेकर 102 साल तक के बुजुर्ग साथ रहते हैं। गांव में रेस्तरां, थिएटर और पार्क जैसी तमाम सुविधाएं हैं, जहां ये लोग पूरी स्वतंत्रता के साथ घूमते हैं। हालांकि, इनकी सुरक्षा के लिए सादे कपड़ों में प्रशिक्षित स्वास्थ्यकर्मी हमेशा तैनात रहते हैं, जो दूर से इन पर नजर रखते हैं। इससे मरीजों को कभी यह महसूस नहीं होता कि वे किसी अस्पताल या कैद में हैं।

शोधकर्ताओं के अनुसार, इस प्रयोग के नतीजे चौंकाने वाले रहे हैं। पारंपरिक अस्पतालों की तुलना में लांडैस में रहने वाले मरीजों की स्थिति में काफी सुधार देखा गया है। जब उन पर 'याद रखने' का सामाजिक दबाव खत्म हुआ, तो उनकी आक्रामकता और अवसाद (Depression) कम हो गया। उनके परिवार भी संतुष्ट हैं, क्योंकि उनके प्रियजन एक ऐसी दुनिया में हैं जहां उन्हें उनकी बीमारी के लिए कोसा नहीं जाता, बल्कि स्वीकार किया जाता है।

लांडैस गांव हमें एक बहुत बड़ा जीवन दर्शन सिखाता है। आज की भागदौड़ भरी दुनिया में जहां हम हर छोटी चीज को संजोने और भविष्य की चिंता में घुले जाते हैं, वहीं यह गांव बताता है कि खुश रहने के लिए बहुत सारी यादों या धन-दौलत की जरूरत नहीं है। बस एक शांत माहौल, थोड़ा सा अपनापन और तनावमुक्त वर्तमान ही जीवन को सार्थक बनाने के लिए काफी है। लांडैस आज उन लाखों लोगों के लिए उम्मीद की एक नई किरण है, जो यादों के धुंधलके में खो चुके हैं।
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