पाकिस्तान के माइनिंग सेक्टर में अमेरिका का 1.3 अरब डॉलर का बड़ा निवेश, 2028 तक शुरू होगा सोने-तांबे का उत्पादन
US investment Pakistan: अमेरिका ने पाकिस्तान के बलूचिस्तान प्रांत में स्थित रेको डिक (Reko Diq) सोने और तांबे के खनन प्रोजेक्ट के लिए 1.3 बिलियन डॉलर ...और पढ़ें
Publish Date: Fri, 06 Feb 2026 03:04:29 PM (IST)Updated Date: Fri, 06 Feb 2026 03:05:57 PM (IST)
पाकिस्तान के माइनिंग सेक्टर में अमेरिका का 1.3 अरब डॉलर का बड़ा निवेशHighLights
- बलूचिस्तान में 'सोने की खदान' पर अमेरिका का दांव
- रेको डिक प्रोजेक्ट में $1.3 बिलियन के निवेश का एलान
- 2028 तक शुरू होगा सोने-तांबे का उत्पादन
डिजिटल डेस्क। अमेरिका ने पाकिस्तान के बलूचिस्तान प्रांत में स्थित रेको डिक (Reko Diq) सोने और तांबे के खनन प्रोजेक्ट के लिए 1.3 बिलियन डॉलर के निवेश की घोषणा की है। यह निवेश यूनाइटेड स्टेट्स एक्सपोर्ट-इम्पोर्ट बैंक (EXIM) के माध्यम से किया जाएगा। ईरान सीमा के पास स्थित यह परियोजना कुल 7 बिलियन डॉलर की है, जिसमें 2028 के अंत तक उत्पादन शुरू होने की उम्मीद है।
यह प्रोजेक्ट कनाडाई कंपनी बैरिक माइनिंग कॉर्प (Barrick Gold) और पाकिस्तानी अधिकारियों के बीच एक महत्वपूर्ण साझेदारी है। इसमें बैरिक की 50% हिस्सेदारी है, जबकि शेष 50% को संघीय सरकारी कंपनियों और बलूचिस्तान सरकार के बीच समान रूप से बांटा गया है। रॉयटर्स की एक रिपोर्ट के अनुसार, इंटरनेशनल फाइनेंस कॉर्पोरेशन और एशियन डेवलपमेंट बैंक जैसे संस्थान भी मिलकर 2.6 बिलियन डॉलर का फाइनेंसिंग पैकेज तैयार कर रहे हैं।
सुरक्षा प्रोजेक्ट की सबसे बड़ी चिंता
बलूचिस्तान में अलगाववादी समूहों और जिहादी उग्रवादियों के लगातार हमलों के कारण सुरक्षा इस प्रोजेक्ट के लिए सबसे बड़ी चिंता है। इसके अतिरिक्त, तांबे के कंसंट्रेट को कराची बंदरगाह तक ले जाने के लिए रेलवे नेटवर्क को बड़े पैमाने पर अपग्रेड करने की आवश्यकता है, ताकि इसे प्रोसेसिंग के लिए विदेश भेजा जा सके।
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शहबाज शरीफ ने किया निवेश का स्वागत
पाकिस्तान की शहबाज शरीफ सरकार ने इस निवेश का स्वागत किया है। विदेशी मुद्रा भंडार की कमी और आर्थिक संकट से जूझ रहे पाकिस्तान के लिए यह प्रोजेक्ट जीवनदान साबित हो सकता है। इस्लामाबाद को उम्मीद है कि रेको डिक न केवल अरबों डॉलर का राजस्व प्रदान करेगा, बल्कि देश की मिनरल रणनीति को भी वैश्विक स्तर पर मजबूती देगा। बैरिक माइनिंग के लिए भी यह उनके सबसे बड़े दीर्घकालिक प्रोजेक्ट्स में से एक है।